तालग्राम थानाक्षेत्र के एक गांव में फेरों के वक्त दूल्हे को दौरा पड़ने पर दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। बाद में वधू पक्ष के लोगों ने बारातियों को बंधक बना लिया। शनिवार को समझौते के बाद बारात बगैर दुल्हन के ही लौट गई। तालग्राम के एक निवासी एक व्यक्ति की बेटी का विवाह सौरिख थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवक से तय हुआ था। शुक्रवार देर शाम बाराती बैंड-बाजे के साथ गांव पहुंचे।
शनिवार सुबह छह बजे फेरों के दौरान दूल्हे को दौरा पड़ गया। वह बेहोश होकर वहीं गिर पड़ा और उसके मुंह से झाग निकलने लगा। ये देख कन्या ने भांवर की गांठ खोल के तुरंत शादी से इंकार कर दिया। करीब 30 मिनट के बाद दूल्हे को होश आया। इसके बाद वर पक्ष ने कन्या पक्ष को समझाते का प्रयास किया। लेकिन इसी दौरान दूल्हे को फिर दौरा पड़ गया। इसके बाद दोनों पक्षों में लेन-देन को लेकर वाद-विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कन्या पक्ष के लोगों ने वर पक्ष के कुछ लोगों को बंधक बना लिया, जबकि अन्य बाराती खिसक लिए। उसके बाद क्षेत्र के वरिष्ठजनों ने पंचायत बुलाई। कई घंटे चली इस पंचायत में कोई निर्णय नहीं निकला तो तालग्राम पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाकर थानाध्यक्ष मोहम्मद अनवर अहमद व चौकी प्रभारी मदन गोपाल मौके पर पहुंचे। दोनों पक्षों में आपस में स्टांप पर लिखित में समझौता नामा करवाया गया। इसके बाद बिना दुल्हन के ही बारात वापस लौट गई।
थानाध्यक्ष ने बताया कि किसी भी पक्ष से कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है। दोनों पक्षों का आपसी समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई लिखित शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।