थाना ठठिया क्षेत्र के गांव गौरनपुरवा में हुई युवक की निर्मम हत्या की उलझी कई कड़ियों को जोड़ते हुए स्वाट टीम खुलासे के करीब पहुंच चुकी है। पुलिस टीम के सामने कई तथ्य चौकाने वाले आए हैं। युवक की हत्या के इल्जाम में सलाखों के पीछे पहुंच चुकी प्रेमिका का इसमें कोई हाथ नहीं था।
वहीं उसके परिजनों का मकसद सिर्फ युवक की पिटाई करना था, लेकिन कुछ पड़ोसियों ने प्रेमिका के परिजनों को फंसाने के मकसद से युवक को मौत के घाट उतार दिया था। एक संदिग्ध को हिरासत में लेने के बाद पुलिस टीम ने जल्द खुलासा करने का दावा किया है।
ज्ञात हो कि गौरनपुरवा निवासी रवि कुशवाहा (20) पुत्र गुलाब का पड़ोस में रहने वाले रामसनेही की 19 वर्षीय पुत्री रुचि कुशवाहा से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। परिजनों द्वारा रुचि की कहीं और शादी तय करने पर प्रेमी युगल ने विरोध किया था।
19 नंबवर को रविवार सुबह रवि का शव गांव के बाहर एक बाग में मिला था। रवि की मां आशा देवी ने प्रेमिका रुचि और उसके पिता रामसनेही व भाई अंकुश
कुशवाहा और चाचा किशोरी लाल और चाची राधा देवी व चाचा राम कुमार और चाची रेनू देवी व परिवार के अखिलेश और राम शंकर के अलावा श्यामू के खिलाफ अपहरण कर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। ठठिया पुलिस ने रुचि और राम सनेही और उसके चाचा राम कुमार व किशोरी लाल समेत पांच लोगों को जेल भेज दिया था।
एसपी हरीश चंदर ने मामले की जांच जब स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ को सौंपी तो मामले में एक नया मोड़ आ गया। दरअसल हत्या वाली रात रवि कुशवाहा प्रेमिका रुचि से मिलने उसके घर गया था।
यहां परिजनों ने दोनों को मुलाकात करते हुए देख लिया। रुचि के परिजनों ने मौके पर रुचि और रवि की पिटाई कर दी। इसके बाद रुचि के परिजन रवि को सिर्फ पिटाई के मकसद से घर से बाहर ख्ेातों की ओर ले गए। तभी कुछ पड़ोसी मौके पर पहुंच गए और वह रवि को पीटने लगे। रवि की बेरहमी से पिटाई होने पर रुचि के पिता ने पड़ोसियों को मना भी किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण दो पड़ोसियों ने रवि की गर्दन पर लाठी रखकर उसे मौके के घाट उतार दिया।
स्वाट टीप प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ ने बताया कि एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जल्द वारदात का खुलासा कर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
इनसेट:-
इस तरह पड़ोसियों ने रची साजिश
कन्नौज। रवि की हत्या को अंजाम देने वाले एक पड़ोसी का रुचि के परिवार की एक महिला से संबंध थे। इससे वह अक्सर रुचि के घर आता-जाता रहता था। उसे रुचि और रवि के संबंधों की पूरी जानकारी थी। पड़ोसी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पिटाई के बहाने रवि की हत्या करने की साजिश रची। जिससे रवि की मौत के आरोप में रुचि के परिवार के सभी लोग जेल चले जाए। जेल में बंद रुचि से जब पुलिस अधिकारियों ने पूछताछ की तो, उसने बताया कि वह रवि से शादी करना चाहती थी। रवि की हत्या से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई।