दहेज हत्या के आरोप की जांच के लिए सोमवार को पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में एक युवती का शव चार महीने बाद कब्र से निकाला गया। मंगलवार को इसका पोस्टमार्टम होगा। थाना ठठिया के ग्राम मलगवां निवासी साजिद अली ने पुत्री सितारा बेगम का निकाह करीब पांच साल पहले गुरसहायगंज कोतवाली के ग्राम टड़हा निवासी शफीक अली के साथ किया था। साजिद अली का आरोप है कि दहेज की खातिर 5 नवंबर को उसकी पुत्री की हत्या कर दी गई। जब वे लोग ग्राम टड़हा पहुंचे तो सितारा का शव दफनाया जा चुका था। साजिद ने बताया कि गुरसहायगंज कोतवाली में उसकी रिपोर्ट नहीं लिखी गई तो उसने कोर्ट से आदेश लेकर गुरसहायगंज कोतवाली में दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद शव के पोस्टमार्टम के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई।
जिलाधिकारी के आदेश पर सोमवार दोपहर नायब तहसीलदार छिबरामऊ अवनीश कुमार, कोतवाल अमरपाल सिंह, एसएसआई नवीन कुमार ग्राम टड़हा पहुंचे। पिता साजिद अली की मौजूदगी में कब्र खुदवाई और सितारा बेगम का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इस घटनाक्रम की पुलिस ने वीडियोग्राफी भी कराई। पिता ने बताया कि पुत्री को टीबी की बीमारी बताकर शव नहीं देखने दिया गया था और ससुरालीजनों ने उसे दफना दिया था। सितारा की दो वर्षीय पुत्री आयशा नाना के साथ रह रही है।
गुरसहायगंज कोतवाल अमरपाल ने बताया कि यह मामला उनके समय का नहीं है। ऐसा पता चला है कि उस समय पीड़ित ने कोई शिकायती पत्र थाने में नहीं दिया था। थाने में शिकायत आई होती तो रिपोर्ट दर्ज की जाती। पोस्टमार्टम हाउस के इंचार्ज पंकज दुबे ने बताया कि रात 8 बजे तक शव मोर्चरी में नहीं आया था। न ही कोई आदेश है। शव आने पर मंगलवार को ही पोस्टमार्टम होगा।
फोरेंसिक एक्सपर्ट के मुताबिक कई महीनों बाद शव कब्र से निकाला जाता है तो कंकाल ही बचता है। मांस पूरी तरह गल जाता है। ऐसी दशा में शरीर की कोई हड्डी टूटी है तो मौत का कारण स्पष्ट हो जाता है। ऐसा न होने पर हड्डियों को आगे जांच के लिए सुरक्षित कर लिया जाता है।