मलिकपुर (कन्नौज)। गुरसहायगंज में शनिवार को रेलवे पुल से काली नदी में मरा बकरा फेंक कर लौट रहे पिता-पुत्र की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई, साथ में मौजूद एक युवक ने नदी में कूदकर जान बचाई। इससे वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। हादसा शनिवार सुबह गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित काली नदी के पुल पर हुआ।
अमरौली गांव निवासी रावेंद्र सक्सेना (35) पुत्र रामनरेश परिवार के साथ कुछ दिनों से कमालगंज स्थित मनुआ भगवना मंदिर के पास झोपड़ी बनाकर रह रहा था। शुक्रवार रात उसके बकरे की मौत हो गई। शनिवार सुबह करीब आठ बजे वह अपने आठ वर्षीय पुत्र नितिन और 22 वर्षीय साले अमन वीरपाल के साथ मरे बकरे काली नदी में फेंकने के लिए निकला था। काली नदी पर स्थित रेलवे पुल से मरे बकरे को फेंक कर सभी लौट रहे थे।
वे लोग बीच पुल पर ही थे कि तभी फर्रुखाबाद से कानपुर की ओर जा रही अहमदाबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस आ गई। देखते ही देखते रावेंद्र और उसके बेटा नितिन उसकी चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। अमन ने बचने के लिए नदी में छलांग लगा दी। इससे वह बच तो गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक ने ट्रेन को कुछ दूर जाकर रोक दिया और दोनों के शवों को ट्रेन पर रखकर गुरसहायगंज स्टेशन पर लाकर पुलिस को सौंप दिया। उधर हादसे की जानकारी होने पर परिजन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने अमन को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाली प्रभारी महेंद्र सिंह और उप निरीक्षक आरबी सिंह ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।