सौरिख क्षेत्र के एक गांव में दहेज नहीं मिलने पर लड़के के घरवालों ने बारात लाने से इनकार कर दिया। शुक्रवार को शादी होनी थी। लकड़ी के पिता ने थाने में शिकायत की है। थानाध्यक्ष ने चुनाव बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। क्षेत्र के एक गांव निवासी ग्रामीण की पुत्री की 17 फरवरी को दिल्ली से बारात आनी थी। लड़की के पिता ने बताया कि लड़का पक्ष मूल रूप से एटा के एक गांव का निवासी है। लेकिन फिलहाल दिल्ली में रह रहा है। लड़के की ननिहाल इसी गांव में है। 11 फरवरी को गांव में ही तिलक की रस्म अदा की गई।
इसमें दो लाख रुपये व कुछ सामान दिया गया था। उन्होंने बताया कि गुरुवार की सुबह लड़के की मां, बहन और बहनोई ने फोन किया और कम दहेज के चलते बारात न लाने की बात कही। लड़की के पिता के मुताबिक उसने कई बार अनुनय विनय किया, लेकिन वे नहीं मानें। उसने बताया कि रिश्तेदारियों में कार्ड बंट चुके हैं।
घर में मंडप गढ़ चुका है। बारात की अगवानी को लेकर तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। बारात नहीं आने की स्थिति में उसे मानसिक और आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ सकता है। उसकी सामाजिक ख्याति को भी ठेस पहुंची है। उसने इस मामले की शिकायत थाने में की है। वहीं थानाध्यक्ष संतोष कुमार व्यास ने बताया कि चुनाव के बाद मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।