जिला जेल, अगौनी में बदहाल व्यवस्था से गुस्साए बंदियों ने सोमवार रात बवाल काटा। तोड़फोड़ के साथ ही कुछ बंदियों ने भागने की कोशिश भी की। मंगलवार को जेलर प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने बैरक नंबर नौ के 14 बंदियों के खिलाफ नामजद व कई अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जेल में सोमवार रात हुए बवाल की खबर छनकर बाहर भी आई थी, लेकिन तब जेल प्रशासन घटना को दबाने में लगा रहा। अगले दिन जेलर ने 14 कैदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई, तो मामला खुलकर सामने आया। घटना के पीछे की स्पष्ट वजह अब भी सामने नहीं आ सकी है। सूत्रों से सिर्फ इतना ही पता चल सका है कि बंदी जेल की खराब व्यवस्था से नाराज थे।
जेलर द्वारा दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार की देर शाम वह राउंड पर थे। उन्होंने बैरक नंबर नौ बी का निरीक्षण किया। इसमें 78 कैदी थे। बंदी राजू पुत्र हरिश्चंद्र की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलने पर जेलर ने उसे कारागार के चिकित्सालय में दाखिल कराया। इसके बाद करीब नौ बजे जब बंदियों ने हंगामा शुरू किया तो बंदीरक्षक सुनील कुमार ने जेलर को सूचित किया।
कुछ बंदियों ने शौचालय का गेट तोड़ दिया और बैरक की ईटे निकालकर भागने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। जेलर ने जिन बंदियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है, उनमें कार्तिक दुबे, प्रदीप, आकाश, राजा, दिलनसी, सुल्तान, मुकेश, मनीष, शाबिद, संतोष, जीतू, विनय, दिलशाद, विशाल के अलावा बैरक नौ के ही कुछ अज्ञात बंदी शामिल हैं। इनके खिलाफ जेल में हंगामा कर तोड़फोड़ करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।