प्रेम प्रसंग में बाधक बने पिता को उसकी बेटी ने प्रेमी व उसके दोस्तों के साथ मौत के घाट उतार दिया था। दस दिन बाद पुलिस ने वारदात का खुलासा कर आरोपी बेटी, उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि हत्याकांड में शामिल प्रेमी के तीन दोस्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ताबड़ तोड़ छापेमारी कर रही है। बेटी ने बताया कि पिता की हत्या के बाद पूरी रात प्रेमी के साथ रंगरेलिया मनाई थी।
22 मार्च की सुबह सौरिख थाना क्षेत्र के नगला हविलिया सकरावा निवासी छोटे उर्फ बृजभूषण यादव का घर के बाहर गड्ढे में मिले शव मिला था। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि मृतक की बेटी शिल्पी यादव का नगला सकरावा निवासी विमल शाक्य पुत्र कमलेश से काफी समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मृतक ने एक दिन घर में दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था और विमल को जान से मारने की धमकी दी थी। इससे विमल शाक्य ने शिल्पी की राय लेकर अपने दोस्त प्रदीप यादव व बीनू शर्मा और राजा के साथ छोटे लाल की हत्या की साजिश की रची।
22 मार्च की रात विमल कुमार दोस्तों के साथ शिल्पी के घर पहुंच गया। पांचों ने छोटे लाल को बंधक बनाकर दराती से वार कर हत्या कर दी। मौत को हादसे का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के लिए छोटे लाल को चप्पल व कपड़े पहना कर उसे घर के बाहर एक गड्ढे में फेंक दिया। जिससे लोग गड्ढे में गिरने से उसकी मौत को कारण समझे।
पुलिस की गिरफ्त में आई शिल्पी ने बताया कि वह और विमल शादी करना चाहते थे। इससे पिता को हटाने के लिए वारदात से तीन दिन पूर्व उसने जहर देकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गए थे। इसके बाद उसकी हत्या की साजिश रची थी।
वहीं, प्रेमी विमल कुमार ने बताया कि शिल्पी के पिता के नाम सौरिख में 35 लाख का प्लाट था। दोस्त राजा, बीनू वर्मा और प्रदीप यादव को आधा प्लाट देने का लालच दिया था। इससे वह हत्याकांड में शामिल हो गए थे। पुलिस ने शिल्पी और विमल कुमार को जेल भेज दिया। जबकि स्वाट टीम प्रभारी पप्पू सिंह ठैनुआ व थाना प्रभारी संतोष कुमार व्यास और चौकी प्रभारी अरुण कुमार को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए है।
नेस्तनाबूत हो गया छोटे लाल का परिवार
20 साल पहले छोटे लाल अपने पैतृक गांव कुड़री थाना बेबर जिला मैनपुरी से अपनी ससुराल नरहा हविलिया सकरावा में पत्नी के साथ रहने लगा था। कुछ दिनों बाद उसकी पत्नी ने छोटे लाल पर गलत आचरण का आरोप लगाते हुए आत्महत्या कर ली। इसके बाद छोटे लाल पर उसकी पुत्री रानी और शिल्पी की जिम्मेदारी आ गई। 15 साल पूर्व उसकी बड़ी बेटी रानी की किसी ने हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया था। तभी से वह अपनी छोटी पुत्री शिल्पी के साथ ससुराल में रहता था।
इन सुरागों से पुलिस को मिली सफलता
छोटे लाल उर्फ बृजभूषण यादव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से सिर और नाजुक अंगों पर कई वार मिले। जिससे उसकी हत्या स्पष्ट हो गई। छोटे को मौत के घाट उतारने के दौरान उसके बरामदे में घटनास्थल पर काफी खून गिरा था। जिसे छिपाने के लिए शिल्पी ने लिपाई कर दी। मोबाइल से हत्या के राज से पर्दा ने हट जाए। इसलिए शिल्पी ने अपने मोबाइल को जमीन के अंदर दबा दिया था, मकान की तलाशी लेने के बाद स्वाट ने जमीन में खुदाई के निशान देखकर जब खुदाई कराई तो वहां शिल्पी का मोबाइल निकला। पूछताछ करने पर शिल्पी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।