थानाक्षेत्र के मझइया गांव में प्रसव के बाद बहू व नवजात पोते की मौत का गम दादी बर्दास्त नहीं कर सकीं और उसकी भी जान चली गई। गुरुवार देर शाम कुछ ही घंटों में एक ही घर में हुई तीन मौत की खबर से गांव में कोहराम मच गया। आस-पास गांव के लोग परिवारीजनों को ढांढस बंधाते नजर आए। देर शाम तीन का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव मझइया निवासी हेमराज ने बताया कि उसकी शादी डेढ़ साल पहले तिर्वा क्षेत्र के कल्यानपुर निवासी माया देवी के साथ हुई थी।
उसकी पत्नी का मां से खास लगाव था। मां कौशल्या देवी भी उसे चाहती थीं। गुरुवार को उसकी गर्भवती पत्नी माया देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसकी हालत बिगड़ गई है। सूचना मिलते ही दोपहर तक मायके वाले भी पहुंच गए। इसके बाद माया को गुरसहायगंज के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। जहां से डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज तिर्वा रेफर कर दिया। गुरुवार दोपहर बाद तक हालत में सुधार न होने पर मेडिकल कालेज के डाक्टरों ने कानपुर ले जाने की सलाह दी।
कानपुर के निजी अस्पताल में उसकी पत्नी ने एक लड़के को जन्म दिया लेकिन कुछ समय बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इसकी सूचना मायके वालों ने ससुराल वालों को फोन पर दे दी। बहु और पोते की मौत की खबर सुन कौशल्या देवी (72) गुमसुम होकर सदमे में चली गई और कुछ देर बाद उनकी भी मौत हो गई। परिवार में एक साथ तीन मौतों से संकट के पहाड़ टूट पड़ा। गमगीन परिवार को देखने के लिए गांव वालों की भीड़ लगी रही। शुक्रवार की देर शाम शवों का अंतिम संस्कार गंगा घाट पर कर दिया गया।