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दलित हत्याकांड: मोबाइल लोकेशन से पुलिस को चकमा

Fri, 13 Apr 2018 11:47 PM IST
kannauj
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मामले का खुलासा करते एसपी किरीट राठौड़ व मौजूद हत्यारोपी और गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम। - फोटो : amarujala
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 कन्नौज। दलित हत्याकांड का मुख्य आरोपी नरवेश ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपना मोबाइल दिल्ली में बेटी को दे दिया। जिसकी वजह से उसकी तलाश में जुटी पुलिस को दिल्ली तक दौड़ना पड़ा जबकि वह यहां सौरिख में रिश्तेदार के यहां आराम से छिपा रहा।
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शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक किरीट राठौड़ ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद नरवेश से पूछताछ में यह खुलासा हुआ। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त डंडा भी बरामद कर लिया है। जिससे पीट-पीटकर राम निवास की हत्या की गई थी। अब पुलिस को घटना में शामिल तीसरे अभियुक्त अभिषेक सिंह की तलाश है। जबकि गुसहायगंज पुलिस ने हत्यारोपी दंपति को शरण देने वाले उनके रिश्तेदारों के खिलाफ भी मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
मालूम हो कि बीती नौ अप्रैल को गुरसहायगंज कोतवाली के झूसी नगर गांव निवासी राम निवास की गांव के ही नरवेश भदौरिया से झगड़ा हो गया था। झगड़े के दौरान नरवेश ने पत्नी किरन और साथी अभिषेक के साथ मिलकर रामनिवास को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया। पिटाई के कुछ घंटे बाद ही नरवेश ने दम तोड़ दिया था। उधर, घटना के बाद से नरवेश घर में ताला डालकर भागे नरवेश व अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुटी पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। घटना के बाद सर्विलांस टीम ने नरवेश के मोबाइल की लोकेशन चेक की तो वह दिल्ली में मिली। सर्विलांस टीम ने दिल्ली में छापेमारी की तो पता चला कि मोबाइल नरवेश के पास नहीं बल्कि उसकी बेटी के पास है। जबकि नरवेश पत्नी के साथ सौरिख के ग्राम नगला चौधरी में रिश्तेदार अजय सिंह उर्फ गोरेलाल और रवी उर्फ मटरू के घर छिपा था। गुरसहायगंज कोतवाली प्रभारी राजबहादुर सिंह ने गुुरुवार को यहां से किरन को गिरफ्तार कर लिया। हत्यारोपियों को शरण देने के आरोप में पुलिस ने अजय और रवि को भी गिरफ्तार किया है।
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पीड़ित परिवार के घर पहुंचीं राज्यमंत्री
मलिकपुर। राज्यमंत्री अर्चना पांडेय शुक्रवार को मृतक रामनिवास जाटव के घर झूसीनागर पहुंची और परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि परिवार को हर कीमत पर न्याय दिलाया जाएगा। मृतक की पत्नी रामकली ने बताया कि शनिवार को गुरसहायगंज कोतवाली में पुलिस उसकी फरियाद सुन लेती तो पति शायद आज जिंदा होते। राज्यमंत्री ने 10 हजार की आर्थिक मदद रामकली को दी। इस दौरान गौरव दुबे, मनोज शाक्य, रोमी तिवारी, राजीव दुबे, प्रधान संजय भारतीय, प्रधान धर्मेंद्र ठाकुर, ओमपाल प्रधान, अवधेश चतुर्वेदी, प्रधान जितेंद्र सिंह, प्रधान जीतू शाक्य, शिवम राठौर, राधे पाल, मान सिंह पाल आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
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