गंगा में युवक की खोज करते गोताखोर।
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गुमटिया गांव के पास मंगलवार को गंगा में नहाने गए आठ बालकों में एक बालक की डूब जाने से मौत हो गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। तट पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं सैकड़ों की तादात में लोगों की भीड़ गंगा तट पर लगी रही। सदर कोतवाली क्षेत्र के महमदपुर बीजा गांव निवासी कश्मीर मंसूरी का 12 वर्षीय पुत्र शानू गांव के ही अपने साथी जीशान, रेहान, अयान, फरदीन, मुस्कान, शोएब व आलम के साथ मंगलवार की दोपहर दो बजे के करीब गुमटिया गांव के पास गंगा तट पर पहुंचे।
यहां सभी ने एक साथ गंगा में छलांग लगाई और नहाना शुरू कर दिया। इसी दौरान अयान व शानू गहरे पानी की ओर बढ़ गए। तभी शानू गंगा के बहाव के चलते गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख अन्य साथी बच्चों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी बीच मजार का निर्माण करा रहे मढ़हरपुर निवासी कुछ लोगों ने मौके पर पहुंच कर बच्चों से पूछताछ की। इसके बाद फोन से महमदपुर बीजा गांव में शानू के डूबने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही उसके परिजन व ग्रामीण गंगा तट पर पहुंच गए। इधर, घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली के वरिष्ठ उपनिरीक्षक रमेश चंद्र पांडेय पुलिस बल केे साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल गोताखोरों को बुलाकर गंगा के गहरे पानी में खोज कराई। करीब तीन घंटे खोजबीन के बाद शानू के शव को बाहर निकाल लिया गया। गंगा से शव निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों द्वारा पोस्टमार्टम न कराने की बात पर पुलिस ने शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।