लोगों को समझाते कोतवाल आमोद कुमार सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
छिबरामऊ (कन्नौज)। घर के दरवाजे पर रखे खोखे और उसकी पक्की दीवार के कारण शव बाहर नहीं निकल पा रहा था। इस पर दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति पैदा हो गई। सूचना पर एसडीएम, सीओ और कोतवाल मय फोर्स के मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की सूझ-बूझ से बड़ा विवाद होने से बच गया। पुलिस ने दोनों समुदाय के लोगों को समझाया और दीवार तुड़वाकर शव को बाहर निकाला गया। शव दफनाने तक पुलिस बल तैनात रहा।
नगर के मोहल्ला महमूदगंज बाजार कलां निवासी मोहम्मद उमर (55) की बीमारी के चलते मौत हो गई। वह वक्फ नंबर-76-ए के मुतवल्ली थे। उन्होंने अपने मकान के मुख्य दरवाजे पर नगर के शंकर दयाल शर्मा को खोखा रखने के लिए जमीन किराए पर दे रखी थी। खोखा रखे होने से दरवाजे से निकलने के लिए बमुश्किल दो फुट की जगह शेष बची थी। खोखा मालिक ने चार इंच की दीवार भी बनवा रखी थी।
मो. उमर की मंगलवार रात मौत हो जाने पर बुधवार की सुबह उनके शव को घर से बाहर निकालने के लिए जगह न होने पर उनके परिजनों ने खोखा स्वामी शंकर दयाल से खोखा और दीवार हटाने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया। मामला पुलिस के पास पहुंचा। एसडीएम महेशप्रसाद दीक्षित और सीओ वीपी सिंह सोलंकी कोतवाल आमोद कुमार सिंह के साथ मौके पर पहुंचे।
दोनों पक्षों से वार्ता के बाद दीवार तोड़ दी गई और फिर शव को बाहर निकाल कर कब्रिस्तान ले गए। जब तक शव दफनाया नहीं गया तब तक कोतवाल समेत एसएसआई नवीन कुमार सिंह, कस्बा इंचार्ज सुशील कुमार शर्मा, दारोगा गणेश प्रसाद मिश्रा, फौरन सिंह, करन सिंह परिहार समेत भारी पुलिस बल वहां मौजूद रहा। कोतवाल ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच दीवार हटाने को लेकर लिखित सहमति बन गई थी। इसलिए विवाद की कोई स्थिति नहीं रही।