पुलिस को जानकारी देते मृतका के परिजन
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थानाक्षेत्र के गांव नरुईया में महिला का शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर संदिग्ध हालातों में लटका मिला। मायके पक्ष के लोगों के पहुंचने के पहले ही ससुरालीजन घर छोड़कर मौके से भाग निकले। इधर नाना और मामा को देख घर में मौजूद बच्चे फूट-फूट कर रो पड़े। इन्हाेंने हत्या की कहानी बयां कर दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मृतका के पिता राज बहादुर ने बताया कि पुत्री आशा देवी (35) की शादी तालग्राम के नरुईया गांव के सुभाषचंद्र पुत्र गिरीश चंद्र के साथ 12 साल पहले की थी। दामाद शराबी व नशेड़ी था। वह अक्सर पुत्री के साथ मारपीट करता था। उसने कई बार समझाने का प्रयास किया, पंचायतें भी हुईं लेकिन वह नहीं माना। पुत्री ने कुछ दिन पूर्व फोन पर शराब के नशे में मारपीट करने की जानकारी दी थी। शराब पीने से मना करने पर शुक्रवार की शाम पति , ससुर व देवर पप्पू ने मिलकर पुत्री के साथ मारपीट कर हत्या कर दी। फिर शव फांसी पर लटका दिया। पकड़े जाने से भय से घर में मासूम बच्चों को छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने मृतका के पिता की तहरीर पर शव को कब्जे में ले लिया। दरोगा सुहेल खां ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मृतका के पति सुभाष ने बताया कि उसकी पत्नी आशा देवी उसे शराब पीने से रोकती थी। शुक्रवार की शाम इसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद रात में किसी समय सोते बच्चों को छोड़कर उसने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुबह शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला।