शहर के मीनाबाजार से हजारों रुपये का सोना लेकर एक और बंगाली कारीगर भाग गया। सराफा व्यवसायी को जब जानकारी हुई तो उसने कारीगर की काफी तलाश की। सफलता न मिलने पर उसने पुलिस को घटना की तहरीर दी है।
शनिवार को नगर के सराफा बाजार सराय निवासी बिम्मी वर्मा पुत्र शिवओम वर्मा ने कोतवाली में तहरीर दी कि उनकी दुकान पर पश्चिम बंगाल के जिला हुगली के गांव पिलखन निवासी गौतम बंगाली और राजू रैदास आभूषण बनाने का काम करते थे। इन लोगों को सोने का कारीगर बताकर अनूप मंडल पुत्र अजीत मंडल निवासी दामोदरपुुर्वा जिला मिदनापुर पश्चिम बंगाल ने उसकी दुकान पर लगवाया था। लगभग दो महीने से वह उसकी दुकान पर काम कर रहे थे।
15 फरवरी को उसने गौतम बंगाली को चार सोने की चूड़ी, एक पेंडल व एक अंगूठी बनाने के लिए तीस ग्राम सोना दिया था, जिसकी कीमत लगभग 90 हजार है। इसके बाद गौतम गायब हो गया। जब उसे घटना की जानकारी हुई तो उसने राजू रैदास से फोन पर उसके बारे में पूछा, मगर राजू ने अनभिज्ञता जताई। काफी तलाश करने पर भी उसका कहीं पता नहीं चला। बिम्मी के मुताबिक राजू की मौसी की शादी गौतम के साथ होने वाली है और उसकी राजू से लगातार बात भी हो रही है, फिर भी उसे गुमराह किया जा रहा है।
सराफा व्यवसायी ने प्रभारी निरीक्षक से कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में प्रभारी निरीक्षक राजबहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच सिटी इंचार्ज गणेश प्रसाद मिश्रा को सौंपी गई है। मालूम हो कि 29 दिसंबर को मीनाबाजार से ही बंगाली कारीगर जसीमुद्दीन शेख लगभग 20 लाख का सोना लेकर भाग गया था।