जिला प्रशासन ने रविवार सुबह छह बजे इंदरगढ़ तिराहे पर छापामार कर गिट्टी-मौरंग लदे 16 ट्रक सीज कर दिए। जिला प्रशासन की कार्रवाई से रंगदारी और कमीशन वसूलने वालों में अफरातफरी मच गई। रंगदारी वसूलने वाले लोग भाग खड़े हुए।
सत्ता परिवर्तन के बाद तिर्वा क्षेत्र में अवैध रूप से चलने वाले रंगदारी के कई अड्डों पर कब्जे के लिए सपा-भाजपा समर्थकों में घमासान शुरू हो गया था। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के मध्य झड़पे, नोकझोंक हुई थी। एक भाजपा समर्थक घायल भी हुआ था, पर किसी ने तहरीर नहीं दी थी। 18 मार्च के अंक में अमर उजाला में खबर के प्रकाशन के बाद जिलाधिकारी ने एसडीएम से पूरे प्रकरण की जांच कराई। जांच के दौरान अमर उजाला में छपी खबर की पुष्टि की गई।
रविवार की सुबह छह बजे एआरटीओ राहुल श्रीवास्तव, एसडीएम राजेश कुमार यादव, तिर्वा कोतवाल आमोद कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ इंदरगढ़ तिराहे पर चलने वाले गिट्टी-मौरंग की मंडी पहुंचे। पुलिस को देख ट्रक चालकों ने अपनी गाड़ियां बैक कर उमर्दा की ओर भागने का प्रयास किया। एसडीएम व कोतवाल ने पीछा करके आठ ट्रकों को पकड़ लिया। आठ ट्रक मंडी में ओवरलोड खड़े दिखाई दिए। तीन ट्रक को एआरटीओ की टीम ने घेरा। कोतवाली में एसडीएम व एआरटीओ ने 16 ट्रक सीज कर दिए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि दोबारा ट्रक मंडी में दिखाई पड़े तो और सख्त कार्रवाई की जाएगी।