अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को डीएम-एसपी कार्यालय के सामने हंगामा किया। अधिवक्ताओं की मांग थी कि दोनाें अधिकारी कार्यालय से बाहर उनसे मिलें। लेकिन दोनाें अधिकारियों ने कार्यालय से बाहर मुलाकात करने से मना कर दिया।
इस पर वकीलों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। एसपी कार्यालय से सदर कोतवाल ए.के सिंह अधिवक्ताओं को बाहर लाए। डीएम कार्यालय के बाहर हंगामा कर रहे अधिवक्ताआें को समझाने आए प्रशासनिक अधिकारी जगदीश दीक्षित को अधिवक्ताओं ने चूड़ियां दीं। करीब दो घंटे तक अधिवक्ताओं का प्रदर्शन चलता रहा।
19 जून की देर रात तालग्राम थानाक्षेत्र के गांव बैसापुर में अधिवक्ता सुशील पटेल पुत्र कृपाचंद पर जमीनी विवाद को लेकर रिंकू पुत्र रामनाथ ने फायर झोंक दिया था। इससे अधिवक्ता घायल हो गया था। मामले में आरोपी पर मुकदमा लिखे जाने के बाद अभी तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। साथी अधिवक्ता पर जानलेवा हमला करने के आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अधिवक्ता शुक्रवार को कन्नौज बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामबाबू वर्मा के नेतृत्व में एसपी कार्यालय पहुंचे। सभी वकील नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय के बाहर पहुंच गए और मिलने के लिए कप्तान को बाहर बुलाने लगे।
नारेबाजी से नाराज एसपी किरीट राठौड़ ने वकीलों से मिलने से मना कर दिया। कोतवाल और अन्य पुलिसकर्मी उन्हें बाहर लेकर आ गए। यहां कुछ देर नारेबाजी करने के बाद वकील कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां डीएम कार्यालय के सामने नारेबाजी करने लगे। डीएम ने समस्या जानने को कुछ वकीलों को कार्यालय में बुलाया लेकिन वकीलों की जिद थी कि डीएम बाहर आकर उनसे मिलें। इस पर डीएम भी वकीलों से नहीं मिले और कुछ देर बाद कार्यालय से निकलकर मीटिंग के लिए रवाना हो गए।
इससे गुस्साए वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट रामदास ने उन्हें समझाया लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारी जगदीश दीक्षित समझाने पहुंचे तो उन्हें चूड़ियां भेंट कीं। प्रशासनिक अधिकारी के जाने के बाद वकील भी कुछ देर रुकने के बाद रवाना हो गए।
कन्नौज बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामबाबू वर्मा ने कहा कि सीओ सदर ने उन्हें 27 जून को आश्वासन दिया था कि आरोपी की गिरफ्तारी हर हाल में 48 घंटे में कर ली जाएगी। लेकिन सीओ सदर का दावा हवा-हवाई साबित हुआ। गिरफ्तारी न होने के विरोध में अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत चल रहे हैं। इससे वादकारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कहा कि यदि जल्द आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई तो अधिवक्ता पूरे जनपद में आंदोलन करने को विवश होंगे।
वहीं, सदर तहसील की लायर्स बार एसोसिएशन अध्यक्ष रामबाबू राठौर ने भी आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए कहा कि जिला प्रशासन घायल अधिवक्ता को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे। इस मौके पर बार अध्यक्ष रामबाबू वर्मा, महामंत्री सुभाषचंद्र पाल, पूर्व अध्यक्ष रामेंद्र त्रिवेदी, अधिवक्ता रानी सहाना, प्रिया दुबे, नीतू यादव, मोहम्मद मोसीन, अरविंद यादव, हाजी फहीम जमां खां, आरपी सिंह, आशीष राठौर समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे। उधर, हंगामा देखकर जिला प्रशासन ने फोर्स के अतिरिक्त पीएसी भी तैनात की थी।