कन्नौज। नाबालिग को बहला-फुसला कर ले जाने और जबरन शादी करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को सात साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, साथ ही जुर्माने की राशि से 10 हजार रुपये पीड़िता को देेने का आदेश दिया।
शासकीय अधिवक्ता नवीन कुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज थानाक्षेत्र के गांव मटीपुर्वा निवासी परशुराम छह जनवरी 2015 को थानाक्षेत्र के एक गांव की एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले गया। पीड़िता के पिता ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने करीब 15 दिन बाद थानाक्षेत्र से ही लड़के को गिरफ्तार कर लड़की को मुक्त करा लिया था।
लड़की ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान में बताया कि वह छह जनवरी को घर में अकेली थी, तभी परशुराम उसे बहला-फुसलाकर दिल्ली ले गया और शादी कर पत्नी बनाकर रखने लगा।
मजिस्ट्रेट ने बयान दर्ज करने के बाद लड़की को डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा जहां वह नाबालिग पाई गई। कोर्ट ने सभी साक्ष्यों के बाद परशुराम को धारा 363 व 366 का दोषी पाया और सात वर्ष की कैद व 15 हजार रुपये जुर्माना भरने को आदेश दिया। कोर्ट ने जुर्माने से वसूल की जाने वाली रकम से 10 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया।
नाबालिग से जबरन शादी
करने में सात साल जेल
- न्यायाधीश ने 15 हजार जुर्माना में 10 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश