कन्नौज। जहरखुरान गिरोह का आतंक बढ़ रहा है। कामगारों की गाढ़ी कमाई लूटने के बाद भी न तो मुकदमा दर्ज हो रहा, न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है। पुलिस तंत्र निष्क्रिय होने से लुटेरों के हौसले बुलंद हैं।
परिवार चलाने के लिए लोग घर छोड़कर दिल्ली, आगरा, जयपुर, हरियाण, गुरग्राम में मेहनत मजदूरी कर पैसा जुटाते हैं। घर लौटते समय इस कमाई को जहरखुरान लूट लेते हैं। गर्मियों में छुट्टी लेकर अप्रैल से जून माह के मध्य ज्यादातर कामगार घर लौटते हैं। इससे जहरखुरान भी सक्रिय हो गए हैं। 15 दिन में 12 यात्रियों को जहरखुरान लूट चुके हैं। सीमा विवाद के चलते पुलिस न तो मुकदमा दर्ज करती, और न जहरखुरानों को तलाश करती है। ज्यादातर घटनाएं दिल्ली से कानपुर के बीच चलने वाली बसों में होती हैं। एएसपी विनोद कुमार ने बताया कि जहरखुरानों की तलाश में रोडवेज बसों में चेकिंग कराई जाती है। कोई भी व्यक्ति गिरोह का शिकार होता है, तो शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल में कराते भर्ती
जीटी रोड पर जिला अस्पताल कन्नौज स्थित होने के कारण बस के चालक और परिचालक पीड़ित को सीधे यहां ले आते हैं। कानूनी पचड़ों से बचने के लिए बेहोश यात्री को बस के चालक व परिचालक जिला अस्पताल के गेट के अलावा सूनसान इलाके में उतार देते हैं। स्थानीय लोग इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराते हैं।
सूचना के बाद भी नहीं होती कार्रवाई
जहरखुरानी की घटनाओं के प्रति पुलिस विभाग संजीदा नहीं है। गिरोह का शिकार यात्री जिला अस्पताल में भर्ती होता है, तो डॉक्टर कोतवाली पुलिस को लिखित सूचना भेजते हैं। पुलिस गैर जनपद की घटना बताकर पीड़ित से पूछताछ भी नहीं करती है। जहरखुरानी के शिकार कई यात्रियों की मौत हो चुकी है।