अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज। रंगे हाथ 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते एंटी करप्शन के हत्थे चढ़े गुरसहायगंज कोतवाली के एसएससाई जितेंद्र कुमार को एंटी करप्शन कोर्ट ने लखनऊ जेल भेजा है। गुरहायगंज कोतवाली क्षेत्र में ही जिला जेल कन्नौज स्थिति होने के कारण उन्हें कोर्ट ने लखनऊ जेल भेजा है। सदर कोतवाली से टीम देर रात उन्हें लेकर लखनऊ के लिए रवाना हुई।
बुधवार को गुरसहागयंज कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक जितेंद्र कुमार को एंटी करप्शन सेल कानपुर ने रंगे हाथ 50 हजार रुपये की घूस लेते समय दबोच लिया था। गुरसहायगंज कस्बा गांधीनगर निवासी शकील हुसैन से दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में एफआर लगाने के नाम पर पुलिस अफसर ने रिश्वत मांगी थी।
बुधवार देर रात सदर कोतवाली में एंटी करप्शन टीम प्रभारी शंभू नाथ तिवारी ने जितेद्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद बुधवार दोपहर उन्हें एंटी करप्शन कोर्ट लखनऊ में पेश किया। जहां मजिस्ट्रेट ने लखनऊ जेल भेज दिया। बताया जा रहा है कि जितेंद्र कुमार ने कोर्ट में कन्नौज जेल भेजने की अपील की थी, लेकिन गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में जिला जेल होने के कारण उन्हें लखनऊ जेल भेजा गया है।
पूरे मामले में पुलिसकर्मी एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई पर उंगली उठा रहे हैं। दरोगा से मिलने पहुंचे कुछ साथीपुलिकर्मियों का कहना था कि भीड़भाड़ वाली जगह पर खुलेआम एक एसएसआई के घूस लेने की बात गले नहीं उतर रही है। एसएसआई ने यदि पाउडर लगे नोट हाथ में लिए थे तो उसका रंग उनके हाथ में क्यों नहीं लगा। एसएसआई को साजिश के तहत फंसाया गया है।
एंटी करप्शन कोर्ट ने दरोगा को भेजा लखनऊ जेल
क्रासर
दहेज उत्पीड़न के मुकदमे में एफआर लगाने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपये