कन्नौज। भाजपा नेता सुब्रत पाठक के पिता और फूफा की हादसे में मौत के बाद कब्जे में लिए गए डंपर से पुलिस को भारी मात्रा में हरियाणा की 340 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसकी कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। तस्करों ने पुलिस की आंख में धूल झोंकने के लिए शराब की पेटियों पर मौरंग बिछा रखी थी। शातिरों की साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस भी दंग रह गई। मौके पर तिर्वा कोतवाली प्रभारी के साथ ही सीओ तिर्वा और आबकारी निरीक्षक टीम के साथ पहुंच गए। करीब तीन घंटे की जद्दोजहद के बाद डंपर से शराब उतारकर तिर्वा कोतवाली भेजा जा सका।
तड़के करीब चार बजे हादसा होने के बाद डंपर दोपहर करीब 12 बजे तक एक्सप्रेस वे पर ही खड़ा रहा। डंपर के कारण कोई दूसरा हादसा न हो जाए, इसलिए तिर्वा पुलिस जब उसे हटाने के लिए क्रेन लेकर पहुंची तो डंपर में मौरंग भरी मिली। वजन को कम करने के लिए लेबर लगाकर डंपर को खाली कराने का काम शुरू कराया गया। मजदूरों ने जैसे ही बेलचा लगाकर मौरंग हटानी शुरू की नीचे दबी शराब की पेटियां नजर आने लगीं। इसकी जानकारी होते ही पुलिस के भी कान खड़े हो गए। तिर्वा कोतवाली प्रभारी आमोद कुमार सिंह ने मामले की जानकारी सीओ तिर्वा सुबोध कुमार जायसवाल को दी। इसके बाद लोडर के जरिये शराब की पेटियों को कोतवाली भेजा गया। आबकारी निरीक्षक तिर्वा अनुराग सिंह की मौजूदगी में हुई गिनती में कुल 340 पेटी हरियाणा की अंग्रेजी शराब की निकलीं। इनकी कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शराब को हरियाणा से लाकर बिहार भेजे जाने की तैयारी थी।
उधर, जानकारों की मानें तो एक्सप्रेस वे शराब तस्करी का आसान जरिया बन गया है। पिछले एक साल की बात करें तो करीब 10 बार पुलिस को कार में हरियाणा की शराब बरामद हो चुकी है। कार्रवाई के नाम पर अभी तक पुलिस किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस का कहना है कि डंपर के नंबर की मदद से पूरे मामले की जानकारी की जा रही है।