अमर उजाला ब्यूरो
कन्नौज/गुरसहायगंज। दो साल ई-टिकटों की दलाली का खेल चल रहा था और अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी। मंगलवार को बरेली मंडल के उच्चाधिकारियों तक जब मामला पहुंचा तो उनके निर्देश पर फतेहगढ़ और कन्नौज की आरपीएफ ने गुरसहायगंज में चल रहे एक जनसेवा केंद्र पर छापेमारी की और एक दलाल को दबोच लिया। दलाल के पास तीन ई-टिकट बरामद हुईं हैं। पूछताछ में पता चला कि वह 2016 से टिकट दलाली का काम कर रहा था। आरपीएफ ने चालान कर जेल भेज दिया है।
आरपीएफ कन्नौज प्रभारी प्रमोद लाकड़ा व फतेहगढ़ एसआई प्रशांत कुमार यादव ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि गुरसहायगंज कस्बे के मोहल्ला गांधी नगर के सिद्दीकी जनसेवा केंद्र पर टिकट दलाली का खेल चल रहा है। छापा मारा तो इस दौरान गांधी नगर निवासी आजम सिद्दीकी पुत्र इबादुल हसन के पास तीन ई-टिकट बरामद हुए। इन पर अभी यात्रा नहीं हुई थी। इन टिकटों की कीमत करीब 2500 रुपये है। इसमें एक तत्काल व दो साधारण टिकटें शामिल हैं। मौके से कंप्यूटर सिस्टम को जब्त कर लिया गया। बताया कि अक्तूबर में आजम सिद्दीकी सात टिकटों की बिक्री कर चुका था। आरपीएफ ने बताया कि एक आईडी से एक माह में 10 टिकट ही बन सकती हैं। आजम अलग-अलग आईडी बनाकर टिकट बनाकर उन्हें ब्लॉक कर देता था। पूछताछ में पता चला है कि वह टिकट दलाली का खेल दो साल पहले से कर रहा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में एसआई कन्नौज सर्वजीत सिंह, कांस्टेबल पंकज मीणा, उमेंश व जितेंद्र मौजूद रहे।
आजम ने त्योहार पर टिकटों के दाम बढ़ने से मोटी कमाई की। लंबी दूरी की ट्रेनों खासतौर से दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, छपरा, गोरखपुर, बनारस आदि जगहों की टिकटों की त्योहार में ज्यादा मांग थी। इसी लिए इन्हीं शहरों तक जाने वाली ट्रेनों की उसने अलग-अलग आईडी से ई-टिकट बनाई और बेचीं। कन्नौज से दिल्ली, मुंबई या फिर अन्य जगहों को जाने वाले यात्रियों को आजम कई गुने ज्यादा दामों पर बेचता था। उसे एक टिकट पर आठ सौ से 15 सौ रुपये तक मुनाफा होता था। मोटी कमाई के कारण ही वह इस धंधे में सक्रिय हुआ था।
जनसेवा केंद्र पर रेलवे टिकट ब्लैक करते गिरफ्तार
गुरसहायगंज में फतेहगढ़ और कन्नौज आरपीएफ ने की कार्रवाई
तीन ई टिकट बरामद और कंप्यूटर सिस्टम भी जब्त कर लिया