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कन्नौज : मृतकों के परिजनों को जान का खतरा

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छिबरामऊ (कन्नौज)। सबलपुर गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मृतकों के परिजन सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। जान जाने के भय ने उनकी रातों की नींद उड़ी है। कोतवाल ने मृतकों के परिजनों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। हालांकि गांव से पीएसी को हटा लिया गया है।
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चार सितंबर को घर में बकरी घुसने के विवाद में सबलपुर गांव में दबंग पड़ोसियों ने सुरेश चंद्र व उनके बेटे कमलेश की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बाद से गांव में तनाव बना था। बुधवार को कोतवाल जयप्रकाश शर्मा गांव पहुंचे। उन्होंने कमलेश की पत्नी रेखा देवी व उसके बच्चों के अलावा अन्य परिजनों को बैठाकर वार्ता की।
इस दौरान उनको सुरक्षा का भरोसा दिलाया। कोतवाल की ओर से मिले सुरक्षा के भरोसे के बाद परिजनों की चिंता कुछ कम जरूर हुई है, लेकिन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होना अब तक उनको परेशान किए हैं। कोतवाल जयप्रकाश शर्मा ने बताया कि जल्द फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मृतकों के परिजनों को डरने की कोई जरूरत नहीं है।
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सर्विलांस समेत तीन टीमें गिरफ्तारी में जुटीं
पिता और पुत्र की हत्या कर फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगातार छापे मार रही हैं। पुलिस ने हत्यारोपियों के मोबाइल सर्विलांस पर लगा रखे हैं। बुधवार को पुलिस ने इंदरगढ़, गुरसहायगंज, फर्रुखाबाद के कायमगंज व मैनपुरी में हत्यारोपियों के रिश्तेदारों के यहां दबिशें दी हैं।
यह है मामला
घर में बकरी जाने के विवाद में पनपी रंजिश के बाद चार सितंबर की सुबह सबलपुर में पड़ोसी लालू, दिनेश, भूरा, पूसे, रंजीत, नेके और महिलाओं ने सुरेश चंद्र (65) के घर में हमला कर दिया था। हमलावरों ने पीट-पीटकर सुरेश की हत्या कर दी थी। हमले में घायल उसके बेटे कमलेश (45) ने पांच सितंबर को मेडिकल कॉलेज में दम तोड़ दिया। सुरेश की पत्नी बिट्टन (50) की हालत नाजुक बनी हुई है। कानपुर के निजी अस्पताल में उनका उपचार चल रहा है।
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