तालग्राम (कन्नौज)। तालग्राम बवाल मामले की जांच में पुलिस तेजी दिखा रही है। मंगलवार को रसूलाबाद गांव के मंदिर के मालिक एवं पुजारी के पुलिस ने बयान दर्ज किए। इसके अलावा कई सार्वजनिक स्थलों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले गए। कस्बे के बाजार आम दिनों की तरह ही खुले, लेकिन पुलिस की तैनाती पूरे इलाके में अब भी है।
शनिवार को तालग्राम में हुए बवाल के बाद पुलिस अब तक 17 लोगों को जेल भेज चुकी है, लेकिन पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। पुलिस घटना की तह तक जाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। तालग्राम थाने के उपनिरीक्षक राजेश प्रताप सिंह ने मंगलवार को रसूलाबाद के शिव मंदिर के पुजारी जगदीश चंद्र के बयान दर्ज किए। कुछ अन्य लोगों के भी बयान दर्ज किए हैं।
इसके अलावा पुलिस वर्ष 2007 में तालग्राम में हुए बवाल के आरोपियों की कुंडली भी खंगाल रही है। वर्ष 2007 में एक छात्रा से दुष्कर्म के बाद हत्या किए जाने पर यहां आगजनी और पथराव हुआ था, वहां पर भी जांच की गई। मंगलवार को एडीएम गजेंद्र कुमार, एएसपी अरविंद कुमार, एसडीएम अशोक कुमार और सीओ छिबरामऊ शिव कुमार थापा तालग्राम में डेरा डाले रहे।
शनिवार को हुई घटना में शामिल रहे अराजकतत्वों का पता लगाने के लिए पुलिस ने शराब के तीन ठेकों के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। इसके अलावा भी दो सार्वजनिक स्थलों से सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए हैं। सीओ सदर शिव प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था है।
सांसद और विधायक भी पहुंचे
तालग्राम थाना क्षेत्र के कलकत्तापुरवा और गदनापुर गांव में मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक अर्चना पांडेय पहुंचीं। उन्होंने स्थानीय लोगों से शनिवार को हुए बवाल को लेकर पूरी जानकारी ली। ग्रामीणों से भाईचारे से रहने की अपील की। कहा कि किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। संासद सुब्रत पाठक भी मंगलवार देर शाम उक्त गांवों में पहुंचे।
फोटो-17-तालग्राम में तैनात पुलिस। संवाद
फोटो-18-तालग्राम का खुला बाजार। संवाद
तालग्राम का खुला बाजार। संवाद- फोटो : KANNAUJ