कन्नौज। इस बार फसलों के लिए औसत से कम बारिश होने की वजह से बिजली विभाग लंबे समय से आपूर्ति देने में हाफ रहा है। पिछले कई महीनों से लगातार हो रही फसलों की सिंचाई से नलकूपों के फीडरों का लोड बढ़ गया है। इसका दंश शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। रोजाना कटौती होने से न तो सिंचाई हो पा रही है और न ही शहरी इलाकों को समय से बिजली आपूर्ति मिल रही है।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति का दम भरने वाला विभाग नलकूपों में बढ़ी खपत से परेशान है।11 फीडरों पर नलकूपों की अलग से लाइन का काम भी पूरा हो गया है। जिले के 24 फीडरों पर काम अभी चल भी रहा है। पॉवर कॉरपोरेशन लिमिटेड विभाग का दावा है कि फसलों में हो रही सिंचाई के कारण खपत बढ़ी है। इन दिनों शहरी में तीन से चार और ग्रामीण इलाकों में आठ घंटे तक की कटौती हो रही है। विभाग का मानना है कि इस बार बारिश अच्छी हो जाती तो बिजली का लोड काफी कम रहता। बारिश के मौसम में भी किसानों को नलकूपों से सिंचाई करनी पड़ी। उधर, गर्मी के चलते घरेलू कनेक्शनों पर कूलर, एसी और पंखों की वजह से खपत बढ़ी हुई है।
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फोटो 21: ऋषि शुक्ला। संवाद
घंटों के लिए गुल हो जाती बिजली
तिर्वा रोड के कृष्णा नगर में रहने वाले ऋषि शुक्ला बताते हैं कि बिजली कटौती पिछले कई महीनों से परेशान कर रही है। कई बार शिकायत की गई सुधार नहीं हुुआ। दिन में तो कभी-कभी तीन से चार घंटे के लिए बिजली गुल हो जाती है।
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फोटो:22: सनी वर्मा।
ट्रिपिंग से होती परेशानी
शहर के बड़ा बाजार मोहल्ले रहने वाले सनी वर्मा बताते हैं कि बिजली कटौती और रोजाना ट्रिपिंग परेशान कर रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों को शहर में ट्रिपिंग की समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
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फोटो:23: अब्दुल्ला खान।
नहीं हो पाती सिंचाई
सदर ब्लाक क्षेत्र के मड़हरपुर निवासी अब्दुल्ला खान बताते हैं कि बिजली की कटौती ग्रामीण इलाकों में खूब हो रही है। मक्का व धान की सिंचाई करने के समय कटी बिजली दो-तीन घंटे तक नहीं आती। इससे सिंचाई के साथ कई काम प्रभावित हो जाते हैं।
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केवल मानपुर बिजली घर का हाल
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फीडर लोड एम्पियर
नलकूप मानपुर -- 30
नलकूप नजरापुर -- 40
नजरापुर देहात-- 40
मलिकापुर-- 40
गणेश -- 90
उदैतापुर-- ए210
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बयान
हर महीने 80 मिलियन यूनिट की खपत होती है। इसमें करीब 10 मिलियन यूनिट नलकूपों में हो रही है। जिले में 13500 नलकूप उपभोक्ता हैं। दो लाख 20 हजार घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। अगर बारिश हो जाती तो सिंचाई पर लोड कम होता।
--शादाब अहमद, अधिशाषी अभियंता, यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड