कन्नौज। साल 2023 का आखिरी दिन सबसे ठंडा रहा। कोहरा और बदली के साथ ही धुंध के चलते पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। शीतलहर ने लोगों को पूरे दिन परेशान किया। ठंड से बचने के लिए आग और गर्म चाय का लोगों को सहारा लेना पड़ा।
जिले में पांच-छह दिनों से घना कोहरा पड़ रहा था और दोपहर में धूप निकल आती थी। शनिवार से मौसम ने करवट लेना शुरू किया और शीतलहर के चलते ठंड बढ़ गई। रविवार को कोहरा छटने के बाद लोगों को आस जगी कि सूर्यदेव के दर्शन होंगे, लेकिन बदली और धुंध के कारण ऐसा नहीं हुआ। पूरे दिन लोग अलाव का सहारा लेकर ठंड से राहत पाने की कोशिश में लगे रहे। धूप न निकलने के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर शीत लहर चलने से लोग घरों में ही दुबके रहे और बाजार में भी आवाजाही कम रही।
ठंड से दिल और सांस के मरीज बढ़े
कन्नौज। ठंड का प्रकोप बढ़ने से अस्पतालों में दिल और सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टर इस तरह के रोगियों को ठंड से बचाव की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल के ईएमओ ने बताया कि ठंड के मौसम में दिल और श्वास के रोगियों को खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में कोलेस्ट्राल की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका रहती है। इससे हृदयघात होने का खतरा रहता है। इसलिए ठंड के मौसम में बुजुर्गों के साथ दिल और श्वास के रोगियों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह-शाम ऐसे रोगियों को ठंड में बाहर नहीं निकलना चाहिए। श्वास के रोगियों की जो दवा पहले से चल रही है, उसे नियमित रूप से लेते रहे। अगर कोई समस्या होती है तो डॉक्टरों की सलाह से ही दवा लेनी चाहिए।