कन्नौज। सदर कोतवाली क्षेत्र की मंडी चौकी पुलिस का घेराव पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सांसद सुब्रत पाठक मीडिया से रूबरू हुए। प्रेस वार्ता के दौरान सांसद ने एसपी कुंवर अनुपम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की सूचना पर ही वह मंडी गए थे। पुलिस कर्मियों ने कार्यकर्ताओं के ऊपर रिवॉल्वर तान दी थी। कहा कि नगर निकाय चुनाव में एसपी ने बीएसपी की मदद थी। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव से शिकायत की थी। शायद इसकी जानकारी एसपी को लग गई थी। जिसका एसपी अब बदला ले रहे हैं।
सांसद सुब्रत पाठक ने शनिवार की शाम सात बजे जीटी रोड स्थित अपने कार्यालय में मीडिया से रूबरू होकर कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कन्नौज पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। कहा कि शुक्रवार पार्टी के कार्यकर्ता व नगर महामंत्री शिवेंद्र ग्वाल निवासी जेरकिला को सूचना मिली थी कि कार्यकर्ता समुद्र श्रीवास्तव को पुलिस गलत तरीके से पकड़कर मारपीट कर रही है। शिवेंद्र साथी अवनीश बेरिया, महिला कार्यकर्ता के साथ मंडी समिति पुलिस चौकी पहुंचे थे। जहां दरोगा हाकिम सिंह, दरोगा तरुण भदौरिया, सिपाही सुभाष कुमार, लवी खारी व 10-15 पुलिसकर्मी समुद्र श्रीवास्तव के साथ मारपीट कर रहे थे। जब इन लोगों ने परिचय देते हुए मारपीट करने से मना किया तो दारोगा जाति सूचक गालियां देने लगा। साथ ही महिला कार्यकर्ता की इज्जत खराब करने की धमकी देने लगे। महिला कार्यकर्ता के कपड़े फाड़ते हुए छेड़छाड़ करने लगे। जब उन लोगों ने शोरगुल मचाया तो दरोगा हाकिम सिंह व तरुण भदौरिया ने सरकारी रिवाल्वर तान दी।
सांसद ने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे। मौके पर पहुंचने पर एएसपी से वार्ता कर सभी लोगों को छुड़वाया। उन लोगों ने कोई कार्रवाई करने पर झूठे मुकदमा में फंसाने की धमकी दी गई। घटना में हमारे कुछ साथियों को भी चोटें आई हैं। सांसद सुब्रत पाठक ने एसपी कुंवर अनुपम सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने नगर निकाय चुनाव में खुलेआम बीएसपी की मदद की थी। वह संज्ञान में आया था और शहर में इसकी चर्चा भी थी। जिसकी स्वयं मुख्यमंत्री से मिलकर एसपी की शिकायत की थी। साथ ही प्रमुख सचिव से शिकायत की थी। शायद एसपी को इसकी जानकारी हो गई थी। कहा कि एसपी ने कई जगहों पर इस बात का जिक्र किया था और मेरे लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था। इसीलिए इस मुकदमा में मेरा नाम घसीटा गया है। कहा कि पूरी घटना का सीसीटीवी देख लिया जाए। कोई भी मारपीट की घटना नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमे में फंसाया जाएगा तो यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर उनका कोई ऑडियो पुलिस के पास है तो उसको सार्वजनिक करें। अखिलेश यादव के ट्विट पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव अपने समय को याद करें। वह खुद गुंडागर्दी करवाते थे। वह अपने गुंडों को समर्थन करते थे। मुख्तार और अतीक से बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता है। कहा कि अखिलेश यादव इस पर न ही बोलें तो अच्छा होगा।