कन्नौज। कानपुर बासमंडी स्थित कपड़ों की थोक मंडी में अग्निकांड से जिले का भी कारोबार प्रभावित हुआ है। पिछले चार-पांच दिनों से यहां के कारोबार नई खरीद कर सके हैं। ऐसे में यहां उनका स्टॉक खत्म हो रहा है। हाल-फिलहाल वहां थोक मंडी के संचालित होने की उम्मीद भी कम है। ऐसे में कारोबारी अब दिल्ली और लुधियाना की होजरी मंडी का रुख कर रहे हैं। इससे उन्हें समय और रकम दोनों की मार झेलनी होगी।
दरअसल, रोजाना फुटकर बिक्री के अलावा इन दिनों ईद की खरीदारी शुरू हो चुकी है। अगले एक हफ्ते में बाजार में चहलपहल बढ़ेगी। सबसे ज्यादा अधिक कपड़ों की ही दुकानों भीड़ पर उमड़ती है। उसके ठीक बाद सहालग है। ऐसे में दुकानों में पहले से ही स्टॉक कम पड़ने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि त्योहार और शादी के सीजन को ध्यान में रखकर बाजार में रौनक की उम्मीद है। ऐसे में समय से पहले ही स्टॉक करना जरूरी है। इसलिए वह अब कानपुर के विकल्प के तौर पर दूसरे शहर का रुख करना उनकी मजबूरी है।
दुकानदार बोले
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फोटो:03- रामजी गुप्ता।
शहर की सब्जी मंडी रोड पर कपड़ा कारोबारी रामजी गुप्ता ने बताया कि वह खरीद कानपुर से करते है। वहां हुई घटना से यहां का कारोबार भी प्रभावित हुआ है। अब दूसरे शहर जाना मजबूरी है।
फोटो:04- मोहम्मद सैफी
मोहम्मद सैफी ने बताया कि कपड़ों का थोक कारोबार कानपुर से ही होता है। कुछ दूसरे शहरों से भी आता है। कानपुर की थोकमंडी में लगी आग से वहां से नया स्टॉक मिलना मुश्किल है। दूसरे शहर का ही रुख करना होगा।
फोटो:05- अमित टंडन।
कपड़ा कारोबारी अमित टंडन ने बताया कि अगले कुछ दिनों में बाजार में चहलपहल बढ़ेगी। ईद और उसके बाद सहागल का सीजन शुरू होगा। अभी से ही माल का स्टॉक करना होगा। कानपुर से फिलहाल राहत नहीं मिलेगी।
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फोटो:06- अमोल कपूर।
त्योहार और शादी के सीजन में कपड़ों की जरूरत है। दुकानदारों के हाथ में पैसे होंगे, लेकिन कानपुर में माल नहीं मिलेगा। ऐसी सूरत में नई जगह का ही रुख करना पड़ेगा। हालांकि इसमें भी परेशानी ही है।
कन्नौज-कानपुर कपड़ा कारोबार कनेक्शन
-500 से ज्यादा छोटे-बड़े दुकानदार जुड़े हैं कानपुर की मंडी से
-10 हजार से लेकर 50 हजार रुपये एक दुकानदार की है रोजाना की बिक्री
-10 करोड़ से रुपये से अधिक हर महीने कानपुर मंडी से होती है कपड़ों की खरीद