कन्नौज। चालकों की हड़ताल से परेशान संचालकों की आशंका की समाधान की पहल शुरू हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को एआरटीओ कार्यालय में ट्रक, बस ऑपरेटरों की बैठक हुई। इसमें तिपहिया वाहनों के संचालक भी शामिल हुए। यहां एआरटीओ ने उन्हें शासन की नीतियां समझाईं। हालांकि ऑपरेटरों का दुखड़ा यह है कि चालकों की आशंका का समाधान हुए बगैर वह कुछ कर पाने की हालत में नहीं हैं। उनका कहना है कि ऐसा ही चलता रहा तो वह बर्बाद हो जाएंगे।
उनके आगे दोहरी समस्या आ गई है। एक तो रोजाना की आमदनी ठप हो गई है। ऊपर से बीमा की किस्त की अदायगी मुश्किल हो जाएगी। उनकी परेशानी यह है कि कारोबार बिना चालकों की मदद के मुमकिन ही नहीं है। खुद एआरटीओ इज्या तिवारी ने सभी के साथ बैठक कर उनकी समस्या सुनीं। साथ ही परेशान न होने और चालकों को समझाने के लिए प्रेरित किया। हालांकि संचालकों का कहना है कि चालकों ने खुद की आशंका के तहत ही यह हड़ताल की है। उन्हाेंने मांग की है कि जल्द से जल्द समाधान निकाला जाए नहीं तो सवारियों के आवागमन के साथ ही किराना, सब्जी, दूध की सप्लाई मुश्किल में पड़ जाएगी। इससे आम लोगों के रोजमर्रा की जिंदगी पर और असर पड़ेगा।
चालकी छोड़कर करने लगेंगे मजदूरी
बैठक के दौरान बस और ट्रक के संचालकों ने बताया कि उनके समझाने पर भी चालक नहीं मान रहे हैं। उन्होंने बताया कि चालकों का कहना है कि हिंट एंड रन का जो नया कानून आया है वह खराब है। इससे चालकों का जीवन बर्बाद हो जाएगा। ड्राइवरी को छोड़कर अब मजदूरी ही करना पड़ेगा।