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Kannauj News: बीएसए नहीं दे सके आरटीई एक्ट की जानकारी

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कन्नौज। शिक्षण संस्थान कक्षा पांच से आठ तक की मान्यता लेकर हाईस्कूल और इंटर की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं, ऐसे संस्थानों की बीईओ से जांच कराई जाए और व्यवस्था को बंद कराया जाए। यह बात विधान परिषद की शिक्षा का व्यवसायीकरण संबंधी जांच समिति की बैठक में सभापति डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कलक्ट्रेट के गांधी सभागार में बैठक करते हुए कहीं।
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सभापति ने कहा कि राजकीय इंजीनियरिंग काॅलेज में पढ़ाई करने के लिए छात्र-छात्राओं से प्रवेश के समय पांच हजार रुपये की काशन मनी जमा कराई जाती है। इसको वापस करने की एक नियमावली बना दी जाए। ताकि जो छात्र रुपये वापस लेने नहीं आ रहे हैं तो ऐसी धनराशि को स्टूडेंट वेलफेयर्स में ट्रांसफर कर विद्यार्थियों के हित में उपयोग किया जाए। आरटीई एक्ट के संबंध में संतोषजनक जानकारी न दिए जाने पर बीएसए कन्नौज, फर्रुखाबाद और औरैया से नाराजगी व्यक्त करते हुए सभापति ने शासन को पत्र लिखने के निर्देश जारी किए। आरटीई एक्ट के तहत गरीब परिवार के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में निशुल्क दाखिला दिलाने का प्रावधान है।
तीनों जिले के बीएसए आरटीई एक्ट के तहत ऐसे गरीब परिवारों के बच्चों के लिए जिला स्तर पर कितना कोटा है और वित्तीय वर्ष में कितने आवेदन आए हैं तथा कितने आवेदन निरस्त होने का कारण सहित विवरण समिति को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। बैठक में समिति के सदस्य विजय बहादुर पाठक, अंगद कुमार सिंह, अविनाश सिंह चौहान, डीएम शुभ्रांत शुक्ल, सीडीओ राम कृपाल चौधरी, एडीएम आशीष सिंह, सीडीओ फर्रुखाबाद, औरैया आदि उपस्थित रहे।
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