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Kannauj News: सुन्नत के रास्ते पर ही बरकत और कामयाबी

Mon, 19 Feb 2024 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। शहर के मोहल्ला अजयपाल स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया शम्सुल उलूम में हुई इस्लाही जलसे के दौरान उलेमाओं ने नबी करीम के बताए सुन्नत पर अमल करने की नसीहत दी है। उलेमाओं ने बताया कि नबी की सुन्नत पर चलने में ही कामयाबी है। इस दौरान बच्चों को हर हाल में तालीम दिलवाने पर जोर दिया गया।
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शनिवार की रात इशा की नमाज के बाद मदरसा इस्लामिया अरबिया शम्सुल उलूम में पढ़ने वाले बच्चों का हाफिजा पूरा होना के मद्देनजर दस्तरबंदी और इस्लाही जलसा हुआ। मदरसा के होनहार तालिब इल्म मोहम्मद असद ने कुरआन का हाफिजा कर लिया। इसी के मद्देनजर उलेमाओं की मौजूदगी में उसकी दस्तारबंदी की रस्म अदायगी की गई।
हरदोई से आए मौलाना अफजालुर्रहमान और लखनऊ नदवा से आए मौलाना आफताब आलम की की मौजूगी में उसके सिर पर दस्तार बांधी गई। खिताब के दौरान मौलाना अफजालुर्रहमान ने नबी-ए-करीम की सुन्नत पर अमले करने पर जोर दिया। कहा कि नबी की सुन्नत पर चलकर ही दीन और दुनिया दोनों जगह कामयाबी है। इससे इंसान बुराई से बचता है और नेकी की राह पर चलता है। मौलाना आफताब आलम ने इल्म हासिल करने पर जोर दिया। बताया कि कुरआन का हाफिजा करने वाले के वालिदैन को नूर का ताज पहनाया जाएगा, जिसकी रोशनी सूरज से कहीं ज्यादा होगी। ऐसे बच्चे अपने वालिदैन को जन्नत तक ले जाते हैं। कहा कि कुरआन को याद करना परवरदिगार की बहुत बड़ी नेमत है। गोपामऊ से आए कारी मोहम्मद रिजवान फहद ने नातिया कलाम पेश किया। जलसा की निजामत मौलाना फैजान नदवी ने की। हाफिज शकील अहमद और मौलाना दोस्त मोहम्मद भी जलसा में मौजूद रहे।
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