कन्नौज। शिक्षक भर्ती के लिए अयोग्य करार दिए जाने से बीएड डिग्री धारकों और इसकी पढ़ाई कर रहे छात्रों में मायूसी है। उन्हें अब अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। उन्होंने सरकार से इसे संज्ञान में लेकर भविष्य को अंधकारमय होने से बचाने के लिए अध्यादेश लाने की मांग की है। इसी के तहत सांसद सुब्रत पाठक से मिलकर उन्हें ज्ञापन भी सौंपा है।
शहर के पीएसएम पीजी कॉलेज के बाहर बुधवार को बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए बीएड डिग्री धारकों ने अपने हक की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि शिक्षक बनने के लिए सरकार की ओर से ही जारी नियम के तहत उन्होंने बीएड की शिक्षा हासिल की है। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत डिग्री की मदद से शिक्षक नहीं बन सकेंगे। इस आदेश से उनके आगे भविष्य अंधकारमय हो गया है। ऐसे में जरूरी है कि सरकार उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए। हाथों में तरह-तरह के नारों लिखीं तख्तियों से आवाज उठाई। उसके बाद बीएड डिग्री धारकों और उसकी पढ़ाई कर रहे छात्रों ने बाकायदा सांसद सुब्रत पाठक से मुलाकात की। छात्रों ने शिक्षक बनने के लिए बीएड की पढ़ाई के आदेश की कॉपी दिखाते हुए कहा कि वो सरकार के नियम के मुताबिक ही शिक्षा हासिल कर रहे हैं। अब कोर्ट के आदेश से उनके भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। मांग की है कि वो उनकी आवाज को सरकार तक पहुंचाकर उनके भविष्य को संवारने में अपना योगदान दें। सांसद ने हर संभव मदद करने और सरकार तक बात पहुंचाने का भरोसा दिया है। इस दौरान अनुभव मिश्रा, मुंतजिर अहमद, नवनीत राठौर आदि छात्र मौजूद रहे।