आश्वासन में लटका मेडिकल कॉलेज का आईसीयू
- 10 जुलाई 22 को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने आईसीयू न चलने पर लिया था संज्ञान
- 12 जुलाई को एडीएम ने उपलब्ध संसाधनों में ही आईसीयू का चालू करने के दिए थे निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
तिर्वा। मेडिकल कालेज के इंटेसिव केयर यूनिट (आईसीयू) को चालू कराने के लिए शासन से लेकर मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने भी मेडिकल कॉलेज को निर्देशित किया है। इसके बाद भी आईसीयू चालू नहीं हो सका। मेडिकल कॉलेज से गंभीर मरीज अभी भी कानपुर रेफर किए जा रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कालेज में नौ बेड का आईसीयू वर्ष 2013 में तैयार किया गया था। आईसीयू में वेंटिलेटर से लेकर अन्य अत्याधुनिक मशीनों के आने से उम्मीद जगी थी कि गंभीर मरीजों को यहां उपचार मिल सकेगा। खासतौर से दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की जान बच सकेगी, लेकिन इसका लाभ यहां के लोगो को नही मिल पा रहा है। जिसका कारण आईसीयू के लिए डाक्टरों की तैनाती नही हो पा रही है। इस कारण लाखों रुपयों के उपकरण बेकार पड़े हैं। आईसीयू में अब तक तकरीबन महज सिर्फ 10 मरीज ही भर्ती किए जा सके है।
कोरोना की दूसरी लहर के दौरान लगभग एक माह तक आईसीयू का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद फिर से आईसीयू की मशीनें धूल फांक रहीं हैं। आईसीयू चालू कराने को लेकर 10 जुलाई 2022 को मुख्यमंत्री के विशेष सचिव ने कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए थे।
एडीएम गजेंद्र सिंह से मौके पर पहुंच कर जांच की और आईसीयू चालू कराने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी कॉलेज प्रशासन की लापरवाही से आईसीयू शुरू नहीं हो सका। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. डीएस मार्तोलिया ने बताया कि आईसीयू चालू कराने की कवायद चल रही हैं। जल्द ही आईसीयू को चालू करा दिया जायेगा।