कन्नौज। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस की ओर से पीएफआई के साथ ही बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। विश्व हिन्दू परिषद ने इस पर ऐतराज जताते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है। बाकायदा शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
कलक्ट्रेट पहुंचे विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी और मातृशक्ति संगठनों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन में कहा है कि कांग्रेस ने बजरंग दल की तुलना पीएफआई जैसे देश विरोधी संगठन से की है। यह संगठन का अपमान है। कहा गया कि बजरंग दल ने हमेशा देश सेवा के लिए काम किया है। देश की संस्कृति की रक्षा के लिए यह संगठन हमेशा सक्रिय रहा है। समाज की सेवा के लिए इस संगठन का अहम योगदान रहा है। चुनावी लाभ के लिए कांग्रेस की ओर से की गई घोषणा से संगठन की साख को खराब करने की कोशिश की गई है। मांग की गई कि कांग्रेस इसके लिए माफी मांगे और उसके घोषणापत्र को प्रतिबंधित किया जाए। इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष समेत उसके शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ दर्ज किया जाए। इस दौरान जिला संयोजक उमेश बाजपेई, जिला उपाध्यक्ष मिलन शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष संजय सिंह, जिला सह संयोजक चेतन बजरंगी, दिपांशु आदि मौजूद रहे।