सौरिख। नौ साल पहले हुई सांप्रदायिक हिंसा में नामजद किए गए सभी 19 आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया है। इसमें सौरिख के वर्तमान चेयरमैन राहुल गुप्ता, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि ओमी चतुर्वेदी भी नामजद थे। एससी एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नंद कुमार ने संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है।
दरअसल 27 अगस्त 2015 को मोहल्ला संजय नगर कस्बे सौरिख में दो पक्षों के ईंट-पत्थर चले थे और फायरिंग भी हुई थी। सांप्रदायिक नारे भी लगाए गए थे। इसमें तत्कालीन एसआई चंद्रपाल सोलंकी ने दोनों पक्षों की ओर से सौरिख के वर्तमान चेयरमैन राहुल गुप्ता, पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि ओमी चतुर्वेदी, संजय गुप्ता, आशुतोष अग्निहोत्री राके, चेतन चौबे, सुभाष दुबे, मुकीम, सुनील सोनू गुरू, रहमान आलम उर्फ गिलहरी, मोहम्मद आलम, अय्यूब रजा, प्रमोद कुमार, रोहित वर्मा, मुजीब हुसैन उर्फ राजू, अहमद रजा, शानू, मोहम्मद वारिस, तालिब व लकी चौबे के विरुद्ध बलवा, फायरिंग, पथराव, मारपीट समेत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
बचाव पक्ष के वकील रमेशचंद्र पांडेय ने बताया कि अदालत में ठोस पैरवी करते हुए जरूरी तर्क व साक्ष्य प्रस्तुत किए। संदेह का लाभ देते हुए सभी अभियुक्तगणों को दोषमुक्त किया गया। साथ ही धारा 437 ए दंड प्रक्रिया संहिता के अंतर्गत 20-20 हजार रुपये का व्यक्तिगत बंद पत्र व इतनी ही धनराशि की दो-दो जमानतें 15 दिन के अंदर जमा करने के निर्देश दिए हैं।
इनकी हो चुकी है मौत
इस मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी लड्डन, सोनू की मौत हो चुकी है। जबकि सौरभ व शाहदन ने जमानत नहीं कराई। मोनू लापता चल रहा है।