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Kannauj News: आठ माह बाद 132 सीसीटीवी की मदद से पुलिस के हत्थे चढ़ा

Sat, 24 Jun 2023 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। आरोपी रामजी वर्मा पूरे आठ महीने बाद कानून के हाथ लगा है। पिछले साल 23 अक्टूबर को वारदात को अंजाम देने के बाद अब वह 23 जून को पकड़ में आया है। इन आठ महीनों में उसने पुलिस को खूब चकमा दिया। कई प्रदेशों में भागा-भागा फिरा। कई बड़े शहरों में हुलिया और पहचान बदल कर रहा। इस दौरान होटल-ढाबों में नाम बदल कर काम करता रहा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए उसने हर मुमकिन कोशिश की, इसके बावजूद वह अब कानून के हाथ लग गया है।
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एसपी कुंवर अनुपम सिंह ने बताया कि पिछले साल 23 अक्तूबर को हुई घटना के बाद से यह पुलिस के लिए बहुत बड़ी चुनौती थी कि आरोपी को कैसे पकड़ा जाए। उसकी कोई पहचान भी सामने नहीं थी। लेकिन पुलिस ने इस चुनौती से पार पाने के लिए हर जतन शुरू कर दिया। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से उसकी तस्वीर ली गई। उसी पर शक था, लेकिन पुख्ता करने के लिए बच्ची के होश में आने का इंतजार किया गया। बच्ची ने भी जब उसकी तस्वीर देखकर उसकी पहचान कर दी तो एक-एक करके गुरसहायगंज, रामाश्रम, खुदागंज के बीच अलग-अलग दुकानों, मकानों व दफ्तरों में लगे 132 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। उसी के आधार पर उसके घर का पता चल सका। उसके बाद उसका नाम रामजी वर्मा पुत्र रमेशचंद्र निवासी खुदागंज थाना कमालगंज जिला फर्रुखाबाद के रूप में उसकी पहचान और उसकी कारगुजारी सामने आई। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह घर से फरार हो गया था। अपना मोबाइल नंबर भी बंद कर दिया था। जिससे उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। परिजनों के पास भी उसका कोई सुराग नहीं मिला। ऐसे में पुलिस हर संभावित ठिकानों पर जाकर उसकी तलाश में दबिश देने लगी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। कई जगह तो पुलिस के आने से पहले ही वह वहां से फरार होता रहा। जिले के बाहर भी और प्रदेश के बाहर भी हर संभावित ठिकानों पर उसकी तलाश की गई। उसकी तलाश के लिए बाकायदा एसटीएफ की भी मदद ली गई। आखिरकार आठ महीने की मेहनत के बाद वह अब पुलिस के हाथ लग गया है।



इस टीम की मदद से पकड़ा गया आरोपी
एसपी ने बताया कि इस प्रकरण के लिए एसटीएफ की भी मदद ली गई थी। चूंकि वह जिले का सबसे बड़ा इनामी आरोपी है, इसलिए समय-समय पर समीक्षा भी होती रही। लेकिन जिले की पुलिस ने ही उसे अपनी मशक्कत से पकड़ लिया। उसे पकड़ने वालों में गुरसहायगंज कोतवाल जयप्रकाश शर्मा, इंस्पेक्टर संजय शुक्ला, एसआई आशीष सिंह के साथ हेड कांस्टेबल चंद्रभान सिंह, सिपाही आशीष कुमार, निर्भय दलवाल और यशपाल सिंह शामिल रहे। इसके अलावा गुरसहायगंज के ही एसआई मुनेश बाबू, अजब सिंह, हेड कांस्टेबल तेज प्रताप और सुधीर सिंह के साथ सिपाही अमन कुमार व अंशुमान शर्मा की भी सराहनीय भूमिका रही। एसपी ने बताया कि इस कामययाबी के लिए टीम को इनाम के साथ ही सीनियर अफसरों को पत्र लिखकर विशेष सम्मान के लिए अनुरोध किया गया है।
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