कन्नौज। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को किया गया। लोक अदालत में 60,804 वाद में आए, जिसमें 40,957 वादों को निस्तारण किया गया। इस दौरान 13,25,77,632 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया।
जनपद न्यायाधीश लोकेश वरुण, प्रधान न्यायाधीश विनोद कुमार, पीठासीन अधिकारी शाहिद रजा, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष अशोक कुमार, अपर जिला जज लवली जायसवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्रीय लोक अदालत की शुरुआत की। लोक अदालत में एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) न्यायालय में 98 में सुलह समझौते के आधार 82 वाद निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय में 94 में सुलह समझौते के आधार पर 91 वाद निस्तारित किए गए। स्थायी लोक अदालत में 15 वाद में तीन ही निस्तारित हो सके। सत्र न्यायालय स्तर में 290 में 226 वाद निस्तारित हुए।
मजिस्ट्रेट न्यायालय स्तर में 2660 में 1738 वाद निस्तारित हुए। इस प्रकार जनपद न्यायालय में 3157 वादों में 2140 वाद निस्तारित कर 4,80,01, 779 रुपये का अर्थदंड अधिरोपित कर किया गया। इसके अतिरिक्त प्रशासन स्तर पर 57,622 वादों में 38,808 वाद सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित कर 8,45,60,253 रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया। इस दौरान सभी न्यायिक अधिकारीगण, बाह्य न्यायालय छिबरामऊ, ग्राम्य न्यायालय तिर्वा के साथ ही बार के अध्यक्ष एवं सचिव, बैंक एवं बीमा कंपनियों के अधिकारी तथा वरिष्ठ अधिवक्तागण, लीगल एडं डिफेंस काउंसिल, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक स्वयं सेवक, न्यायालय के कर्मचारियों मौजूद रहे।
जेल में तैयार हुए उत्पादों के लगे स्टॉल
जेल अधीक्षक ने नवीन न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बंदियों के बनाए हुए उत्पादों लैंप, एलईडी, झालर लाइट, बल्ब, गमले टाॅर्च, झोले, इत्र दान आदि की बिक्री के लिए स्टॉल लगाया गया। लोक अदालत में आने वाले वादकारियों ने उत्पादों की खरीददारी भी की।