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Kannauj News: सुलह-समझौता से निपटे 38 हजार मामले

Sun, 10 Dec 2023 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें वादों का निस्तारण कर चालान की धनराशि तय की गई। इस दौरान 38 हजार 563 वादों को निस्तारित कर 14 करोड़ 81 लाख 88 हजार 33 रुपये प्रतिकर वसूला गया।
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शनिवार को आयोजित हुए राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लवली जायसवाल ने किया। जिसमें राजस्व, स्टांप, चकबंदी, घरेलू हिंसा, उत्तराधिकार, बैंक वसूली वाद, श्रम विवाद, बिजली, जल विवाद बिल, परिवारिक विवाद, भूमि अधिग्रहण वाद व सिविल वाद निस्तारण किए गए। इस दौरान 46,030 वादों में से 38,563 वादों का निस्तारण कर 14,81,88,033 रुपये प्रतिकर वसूला गया।
एमएसीपी कार्यालय में कुल 96 वादों में से सुलह-समझौते पर 77 वादों का निस्तारण किया गया। पारिवारिक न्यायालय के 67 में से 61 वाद निस्तारित किए गए। इसी प्रकार स्थायी लोक अदालत कार्यालय में परिवार न्यायालय कार्यालय में कुल 18 वादों में सुलह समझौते के आधार पर सात वाद निस्तारित किए गए। जिला न्यायालय में निस्तारण के लिए 5,465 वाद संदर्भित किए गए थे। जिनमें सुलह-समझौते के आधार पर 2,850 वाद निस्तारित कर 77,62,773 रुपये वादों के निस्तारण के लिए आदेशित किया गया। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन स्तर पर 4,080 वादों में से 35,562 वाद निस्तारित किये गए। जिनमें कुल सुलह-समझौते के आधार पर 10,81,66,237 रुपये वादों के निस्तारण के लिए आदेशित किया गया।
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बैंक की बकायेदारी से मिली निजात
केस एक:
तिर्वागंज निवासी नेमवती ने करीब चार साल पहले बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से एक लाख दो हजार रुपये की केवाईसी कराई थी। अदायगी नहीं हो रही थी। लोक अदालत में 45 हजार रुपये में वाद को निपटाया गया।



केस दो:

छिबरामऊ के लोकपुर गांव निवासी अर्जुन सिंह ने 1.43 लाख की केवाईसी कराई थी। अदायगी न होने से परेशान थे। इस दौरान 1.25 लाख में वाद निपटाया गया। इनका मामला करीब दो साल से चल रहा था।



केस तीन:
सौरिख के नगरिया कोरियान निवासी शिवकुमार का तीन साल पुराना मामला चल रहा था। उनके ऊपर बैंक का 60 हजार रुपये कर्ज था। जो सुलह समझौता में सिर्फ 35 हजार रुपये में ही निपट गया।





केस चार:

डडौना निवासी रघुवीर ने करीब तीन साल पहले बैंक से 69 हजार रुपये की केवाईसी कराई थी। लोक अदालत में 35 हजार रुपये वाद का निपटारा हुआ। अदायगी न होने से परेशान थे। अब करीब आधी रकम में ही मामला निपट गया।
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