कन्नौज। सर्दियों में विवाह का शुभ मुहूर्त शुरू होने के बाद पहला मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन हुआ। जिले के चार स्थानों पर कुल 345 जोड़े एक-दूजे के हुए। इसमें आठ जोड़ों का निकाह हुआ जबकि 337 जोड़ों ने सनातन धर्म में सात फेरे लिए।
शहर के पीएसएम पीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में सांसद सुब्रत पाठक पहुंचे। उन्होंने सामूहिक विवाह योजना की तारीफ की। डीएम शुभ्रान्त शुक्ल, सीडीओ आरएन सिंह, जिलाध्यक्ष नरेंद्र राजपूत व विवेक पाठक ने नव दंपती को सरकार से दिए गए बजट 10-10 हजार रुपये के उपहार दिए।
जिला समाज कल्याण अधिकारी दिनेश गोदारा ने बताया कि चार स्थानों पर हुए सामूहिक विवाह में अल्पसंख्यक वर्ग के आठ जोड़ों का निकाह हुआ। पिछड़ा वर्ग से 129 जोड़े, अनुसूचित जाति से 198 और सामान्य वर्ग से 10 जोड़ों की शादियां हुईं। पीएसएम पीजी कॉलेज में 184 जोड़े एक-दूजे के होकर नई शुरुआत की।
इस मौके पर जलालाबाद ब्लॉक प्रमुख प्रतिभा देवी, एसडीएम सदर पवन मीना, डीडीओ एनडी द्विवेदी, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अनुपम राय, दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तनुज त्रिपाठी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जितेंद्र कुमार, सीओ डॉ. प्रियंका बाजपेई आदि मौजूद रहे। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि कन्नौज, तालग्राम के तेराजाकेट, छिबरामऊ व सौरिख के खड़िनी में विवाह के आयोजन हुए।
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नहीं आए दो दूल्हे...होता रहा इंतजार
पीएसएम पीजी कॉलेज में उमर्दा ब्लॉक के गांव बेहटा से दुल्हन सी सजी युवती मंडप के निकट काफी देर तक डटी रही। दोपहर तक दिल्ली से उसका दूल्ह दीपक नहीं आया। हालांकि परिजनों ने फोन पर संपर्क किया तो हर बार आने का आश्वासन ही मिला। दूसरी ओर हरदोई के सांडी से राजकुमार नहीं आया। कन्नौज के गांव टुइयांपुर्वा से से पहुंची युवती और परिजन उसका इंतजार करते रहे। बताया गया कि बाइक से आते समय राजकुमार घायल हो गए।
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पहली बार दिखा पुलिस का पहरा
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पहली बार पुलिस और पीएसी का तगड़ा पहरा दिखा। पंडाल के अंदर भी पुलिस ने व्यवस्था संभाली। बार भी कई जवान तैनात रहे। इसको लेकर एक अधिकारी ने बताया कि बैंडबाजा से जुड़े लोग दंपतियों व उनके परिजनों से नेग वसूलने लगे थे, उसे रोकने के लिए पुलिस को तैनात किया गया।