कन्नौज। 32 साल पहले हुई लूट के मामले में अदालत ने दो लोगों को दोषी करार दिया है। दोनों को छह-छह साल की कैद सुनाते हुए तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना सुनाया है। दोनों बदमाशों ने एक घर में धावा बोलकर मां-बेटी को सोते समय बंधकर बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। विरोध करने पर महिला को गोली भी मारी थी। उस महिला ने दोनों बदमाशों को पहचान लिया था।
मामला तालग्राम थाना क्षेत्र के नगला-टिकुरियन अमोलर गांव का है। शासकीय अधिवक्ता सुधीर पांडेय ने बताया कि 10 जुलाई 1991 की रात में टिकुनियर गांव निवासी सालिकराम के घर में दो बदमाश रात 12 बजे दीवार फांद कर घुस गए थे। बदमाशों ने वहां सो रही सालिकराम की पत्नी कटोरी देवी और पुत्री गुड्डी को बंधक बनाकर खूब पिटाई की थी। दोनों के गहने भी उतार लिए थे। कटोरी देवी और बेटी गुड्डी ने बहादुरी दिखाते हुए उनमें से एक बदमाश को पकड़ लिया। इस पर दूसरे बदमाश ने कटोरी देवी की बांह में गोली मार दी थी। इससे वह जख्मी हो गई थीं। इसके बाद कमरे में रखे बक्सों को तोड़कर उसमें रखा जेवर लूट ले गए थे। छीनाझपटी के दौरान कटोरा देवी ने दोनों की पहचान कर ली थी। उनकी पहचान के मुताबिक तहरीर पर गांव के ही रामशरन और मदनलाल और दो अन्य खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) अपर सत्र न्यायाधीश नन्द कुमार ने गवाही के आधार पर रामशरन और मदनलाल को दोषी करार दिया। दोनों को छह-छह साल की कैद और तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी सुनाया।