कन्नौज। कॉलेज से पेपर देकर घर जा रही छात्रा को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में दो युवकों को 30-30 साल कारावास की सजा सुनाई गई है। दोनों पर 60 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माने की रकम पीड़िता को क्षतिपूर्ति के आदेश दिए गए हैं। यदि अर्थदंड जमा नहीं किया तो दोषियों को दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
तालाग्राम थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा तीन मार्च 2020 को इंटरमीडिएट का पेपर देने के लिए कॉलेज गई थी। दोपहर बाद लौटते समय गांव के ही मिंटू उर्फ आशीष पाल तथा अंकुर पटेल ने उसे रोक लिया। बताया कि उसके पापा का एक्सीडेंट हो गया है। बाइक पर बिठाकर दोनों उसे तिर्वा कोतवाली क्षेत्र में ठठिया रोड पर ले गए और वहां एक सुनसान स्थल पर दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को जानकारी दी तो भाई ने दोनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि अभियोजन पक्ष की तरफ से पांच गवाह पेश किए गए। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) अल्का यादव ने आशीष उर्फ मिंटू तथा अंकुर पटेल को दोष सिद्ध करते हुए सामूहिक दुष्कर्म में 30 वर्ष का कारावास तथा 30-30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
छात्रा की सहेलियों ने भी दी गवाही
पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिए कि इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा का अंतिम पेपर था। वह साइकिल से गांव के लिए निकली तो ताहपुर बस स्टैंड पर चाय की दुकान के बाहर खड़ी होकर सहेलियों से बात करने लगी। तभी मिंटू वहां पहुंचा और पापा का एक्सीडेंट होने की बात बताई। जिससे घबराकर वह बाइक पर बैठ गई। दोनों उसे ठठिया रोड पर सुनसान जगह ले गए और बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने उसकी दोनों सहेलियों को भी गवाह बनाया था।