महिलाओं को उनकी रुचि के अनुसार व्यवसाय चुनने और उसे संचालित करने का व्यावहारिक ज्ञान दिया गया। स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान दरों पर ऋण प्राप्त करने और सब्सिडी योजनाओं की जानकारी दी गई। जिले में महिलाओं को स्वावलंबी बनाने का यह अभियान तेजी से चल रहा है। इससे पूर्व भी 162 महिलाओं को लखपति दीदी योजना के तहत प्रशिक्षित किया जा चुका है, जो अब अपने-अपने क्षेत्रों में छोटे उद्यम शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं। उपायुक्त स्वत: रोजागार राजकुमार लोधी ने बताया कि महिलाओं को केवल प्रशिक्षण देना ही हमारा मकसद नहीं है, बल्कि उन्हें बाजार से जोड़ना और वित्तीय सहायता दिलाना भी प्राथमिकता है। जब एक महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो पूरा परिवार प्रगति करता है।