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Kannauj News: 18.26 लाख को मिलेगी फाइलेरिया रोधी दवा

Mon, 07 Aug 2023 12:19 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कन्नौज
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कन्नौज। जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए सीएमओ दफ्तर के सभागार में मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कर फाइलेरिया अभियान को सफल बनाने की शपथ ली गई। 10 अगस्त से जिले भर में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान चलाया जाएगा। जिसमें 18.26 लाख लोगों को घर घर जाकर टीम फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएगी।
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सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने कार्यशाला में कहा कि जिले को फाइलेरिया रोग से मुक्त करने के लिए फाइलेरिया से बचाव की दवाएं जरूर खानी चाहिए। कहा कि फाइलेरिया रोग के बारे में अधिक से अधिक प्रचार किया जाए। जिससे लोग इस गंभीर बीमारी के बारे में सही और महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकें। एसीएमओ व फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. बृजेश शुक्ल ने बताया कि जिले में 931 फाइलेरिया रोगी हैं। जिसमें से 504 हाइड्रोसील से ग्रसित हैं। 376 हाइड्रोसील के रोगियों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। 427 लिम्फोडिमा के रोगी हैं। बताया कि 10 अगस्त से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान चलाकर सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम चलाया जाएगा। जिसमें 18.26 लाख लोगों को 3618 स्वास्थ्य कर्मी दवा खिलाएंगे। इस अभियान को सफल बनाने के लिए 1809 स्वास्थ्यकर्मियों की टीम लगाई गई है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर इन दवाओं का सेवन कराएंगे। बताया कि इन दवाओं का सेवन खाली पेट नहीं करना है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवतियों और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवाएं नहीं खिलाई जाएगी। कार्यक्रम का संचालन प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किया। इस मौके पर ज़िला क्षय रोग अधिकारी डॉ. के पी त्रिपाठी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. ओपी गौतम सहित सीफॉर संस्था के सहयोगी मौजूद रहे l



जलालाबाद-गुगरापुर में फाइलेरिया के मरीज अधिक
डॉ. ब्रजेश शुक्ल ने बताया कि जिले के दो ब्लॉक जलालाबाद और गुगरापुर में सर्वे के दौरान सामने आया है कि इनमें सबसे ज्यादा फाइलेरिया के रोगी है। जलालाबाद में 267 और गुगरापुर ब्लॉक में 125 फाइलेरिया रोगी हैं।
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पूरी तरह से सुरक्षित है फाइलेरिया की दवा

प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि इन दवाओं का कोई विपरीत प्रभाव नहीं है। लेकिन किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मचलाने जैसे लक्षण होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं। फाइलेरिया रोधी दवा के सेवन के उपरांत इन परजीवियों के मरने के कारण ऐसा होता है। यह लक्षण अपने आप ही समाप्त हो जाते है।



1809 टीमें घर-घर खिलाएंंगी फाइलेरिया रोधी दवाएं

उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए कन्नौज में 335, हसेरन में 140, जलालाबाद में 114, तालग्राम में 275, छिबरामऊ में 285, सौरिख में 245, गुगरापुर में 84, उर्मदा में 331 टीम बनाई गई हैं। जो घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाएंगी।
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