कन्नौज। चुनाव में लगने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए जाएंगे। इससे वाहनों की लोकेशन ट्रेस की जाएगी। यदि किसी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी हुई तो मतदान केंद्र के नजदीक के वाहन के जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट को जानकारी देकर तत्काल पहुंचने के निर्देश दिए जाएंगे। लोकसभा चुनाव में 12 जोनल, 114 सेक्टर , तीन व्यय प्रेक्षकों व उड़नदस्ता को दिए जाने वाले वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाए जाएंगे। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। एआरटीओ को वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगवाने की जिम्मेदारी दी गई है। इस कार्य को चुनाव से पहले पूर्ण करने को कहा गया है। जीपीएस सिस्टम को लगाने के लिए दिल्ली की एक फर्म से बात भी की गई है। फर्म ने चार हजार रुपये प्रति वाहन जीपीएस सिस्टम लगाने का भुगतान मांगा है। बताया जाता है कि शासन ने प्रति वाहन चार हजार रुपये देने से मना कर दिया है। शासन का कहना है कि वह प्रति वाहन 18 सौ रुपये देने को कहा है। मामले में अब टेंडर प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा। टेंडर निकाल कर फर्म को टेंडर डालने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। यदि किसी फर्म को 18 सौ रुपये में जीपीएस सिस्टम लगाने में दिक्कत न हुई तो सभी वाहनों में 18 सौ रुपये की दर से जीपीएस सिस्टम लगेंगे। चुनाव के दौरान अधिकारियों के वाहनों में इस सिस्टम के लग जाने से वाहन पर बैठे अधिकारी व पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच कर चुनाव में गड़बड़ी करने वाले के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। इससे चुनाव में अराजकता फैलाने वाले लोग कामयाब नहीं हो सकेंगे। पुलिस की डायल 100 की तर्ज पर चुनाव में अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच कर मतदान को संपन्न कराएंगे। शासन का फरमान आने के बाद अधिकारी इस काम को करने के लिए रणनीति बनाने लगे हैं। फरवरी तक जीपीएस सिस्टम लगाने के काम का टेंडर दे दिया जाएगा।