कन्नौज। केंद्र की अति महत्वाकांक्षी जननी सुरक्षा योजना का लाभ जन-जन तक पहुंचाने का दावा धरातल पर हवाहवाई है। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि देने के लिए चलाई जा रही योजना प्रसूताओं को मुंह चिढ़ा रही है।
लापरवाही के कारण जिले की 1568 प्रसूताओं का भुगतान लटका है। भुगतान के लिए प्रसूताएं विभाग और बैंक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। सरकारी अस्पतालों में प्रसव कराने पर प्रसूताओं को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह धनराशि सीधे प्रसूताओं के बैंक खाते में भेजी जाती है। जिसके लिए प्रसूताओं को एक आवेदन पत्र भरकर बैंक पासबुक, आधार कार्ड की फोटो कॉपी और डिस्चार्ज के कागज जमा करने होते हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिले के सरकारी अस्पतालों में 18545 प्रसव हुए, जिसमें 16977 प्रसूताओं का भुगतान किया जा चुका है और 1568 प्रसूताएं अभी भी भुगतान का इंतजार कर रही हैं।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार का कहना है कि प्रसूता के अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही आवेदन लिया जाता है, जिसमें आधार और बैंक पासबुक जमा होती है। कई प्रसताओं के आधार कार्ड में गड़बड़ी या बैंक में खाता न होने के कारण देरी होती है। आवेदन पूरा होने पर ऑनलाइन फीड करने के बाद धनराशि प्रसूता के खाते में भेज दी जाती है।
ब्लॉक वार संस्थागत प्रसव के आंकड़े
ब्लॉक कुल प्रसव कुल भुगतान
कन्नौज 2574 2327
जलालाबाद 808 706
गुगरापुर 340 1340
तालग्राम 2841 2585
छिबरामऊ 2488 2263
सौरिख 1904 1806
हसेरन 1364 1364
उमर्दा 2042 1962
महिला अस्पताल 2095 962
मेडिकल कॉलेज 1068 972