कन्नौज। बाढ़ का दायरा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। शुकवार को गंगा किनारे बसे 12 गांव जलमग्न हो गए हैं। इन गांवों में जनजीवन प्रभावित हो रहा है। गृहस्थी संग पंचायत भवन और स्कूल भी पानी में डूब गए हैं। बाढ़ की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए दूसरी जगह कक्षाएं लगाई जा रहीं हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के चारों और पानी-पानी नजर आ रहा है। ग्रामीण सड़क किनारे पन्नी लगाकर रह रहे हैं।
गंगा किनारे बसे कासिमपुर, बक्शीपुरवा समेत 12 गांव जलस्तर बढ़ने की वजह से बाढ़ की चपेट में हैं। कई गांव पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। कटरी-फिरोजपुर, कटरी अमीनाबाद, अलियापुर, तुलापुरवा, लिख्खापुरवा, जुकइया, कन्नौज-कछुआ में हर तरफ पानी ही पानी भरा है। गृहस्थी पूरी तरह से डूब चुकी है। कई जगह स्कूल और पंचायत भवन भी पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं। ग्रामीण बाढ़ से बचने के लिए अपने घरों को छोड़कर ऊंचे स्थानों और सड़क किनारे तंबू बनाकर रहने को मजबूर हैं। बाढ़ की वजह से हजारों बीघा फसलें डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
स्कूल डूबा तो मकान में लग रही कक्षा
प्राथमिक विद्यालय गंगपुर कटरी बाढ़ की चपेट में है। बाढ़ का पानी स्कूल में घुस गया है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न इसके लिए कन्नौज-हरदोई मार्ग पर बसे बक्शीपुरवा गांव में सड़क किनारे विजय पाल के मकान के आंगन में बच्चों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। प्रधानाचार्य सर्वेश कुमार ने बताया कि विद्यालय में तीन फुट तक पानी भर गया है। जिससे विद्यालय में रखे बक्सा, अलमारी, रजिस्टर व अन्य दस्तावेज पानी से खराब हो गए। बताया कि उनके स्कूल में 164 बच्चे पढ़ते हैं। बच्चों की पढ़ाई में कोई दिक्कत न आए इसके लिए एक मकान में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
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खतरे से नीचे है जलस्तर
शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 125.880 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से नीचे है। यहां चेतावनी बिंदु 124.970 है, जबकि खतरे का निशान 125.960 है। लगातार चार दिन तक जलस्तर बढ़ने के बाद शुक्रवार को इसमें मामूली कमी दर्ज की गई। हालांकि गांवों में घुसा पानी अब भी कम नहीं हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि जलस्तर कम होने पर गांव का पानी भी कम होने लगेगा।