झांसी। जिस युवक की हत्या का मुकदमा तीन महीने पहले फतेहपुर कोतवाली में दर्ज हुआ था वह झांसी में जोमैटो में डिलीवरी बॉय का काम करते हुए पकड़ा गया है। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि पारिवारिक विवाद केे चलते वह यहां पिछले करीब डेढ़ साल से पहचान छुपाकर रह रहा था।
कोतवाली पुलिस के मुताबिक फतेहपुर कोतवाली निवासी जिया उर रहमान (46) पुत्र खुलीकुर्रहमान का निकाह वर्ष 2001 में उन्नाव निवासी सूफिया खातून से हुआ था। उनका 19 साल का बेटा अजीम है। निकाह के बाद से ही दोनों में मनमुटाव चल रहा था। विवाद बढ़ने पर कई साल पहले सूफिया ने जिया उर रहमान पर दहेज मांगने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज करा दी। विवाद बढ़ने से परेशान होकर पिछले साल जिया भागकर झांसी आ गया। यहां पहचान छुपाकर वह पठौरिया इलाके में रहने लगा। जीवनयापन के लिए उसने जोमैटो में नौकरी शुरू कर दी।
उधर, जिया के लापता होने से परेशान होकर उसकी मां सावरा बेगम ने कोर्ट के जरिए कोतवाली में बहू सूफिया, उसकी बहन राबिया, पोते अजीम एवं समधिन मुश्तरी बेगम के खिलाफ हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी रही। परिवार के सदस्यों ने भी जिया को मृत मान लिया। इधर, उसके पुत्र अजीम को पिता जिया के झांसी में होने की बात मालूम चली। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने जिया को पकड़ लिया। सीओ सिटी राजेश राय का कहना है कि पारिवारिक विवाद से परेशान होकर जिया भागकर झांसी आ गया था। यहां वह पहचान छुपाकर रह रहा था। पूरा मामला अब फतेहपुर कोतवाली के हवाले कर दिया गया है।