झांसी। पुराने साल की बुराइयां और खामियों को छोड़कर नए साल में नई उमंग और ऊर्जा के संचार की कामना बुजुर्ग भी कर रहे हैं। बुुजुर्ग नए साल में देश-दुनिया और अमन और शांति की आस लगाए हैं।
वर्ष 2022 भी सामाजिक दृष्टिकोण से बहुत ही निराशाजनक रहा। रूस और यूक्रेन के बीच के युद्ध ने भी भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाला है। कई युवा जो वहां के कॉलेजों में पढ़ रहे थे, वो अपने देश लौट आए हैं। वहीं दूसरी ओर कोरोना के डर के बीच लोगों ने अपना एक और साल गुजार दिया है, तो कहीं सांप्रदायिक दंगों ने भी लोगों में मनमुटाव को बढ़ाया है।
लेकिन नए साल में लोगों में नैतिकता का संचार हो, नए साल में विश्व में अमन और चैन हो, लोगों में फिर भाईचारा हो, ऐसी कामना बुजुर्ग वर्ग कर रहा है।
तीन सालों से विश्वभर में कोरोना ने कई जानें लीं। अब फिर कोरोना लौट रहा है, मेरी यही कामना है कि नए साल पर किसी प्रकार की कोई महामारी न फैले। - आरके गोस्वामी
समाज में आधुनिकता बढ़ने के साथ-साथ लोग अनैतिक ता भी बढ़ रही है। लोगों में नैतिकता का संचार हो और समाज में युवा वर्ग कुछ अच्छा करने के लिए आए । - अजय कुमार दुबे
नए साल में अब कहीं युद्ध न हो, और चल रहा युद्ध भी समाप्त हो जाए, लोगों में भाईचारे की भावना जागृत हो जाए। देश तरक्की करे और कोरोना का खात्मा हो जाए। - ओमप्रकाश अग्रवाल
पुराना साल बहुत ही निराशाजनक रहा है, लेकिन नए साल से उम्मीद है कि कुछ सकारात्मक ऊर्जा का संचार समाज और विश्व में हो। आर्थिक संकट खत्म हो जाए। - पीडी अग्रवाल