शनिवार को मेमो ट्रेन में सवार एक महिला दरोगा ने सहयात्री पर छेड़छाड़ करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। महिला ने दो बार चेन पुलिंग की और ट्रेन से उतरकर इंजन के केबिन तक पहुंच गई। इसके बाद वह ट्रेन के सामने खड़ी हो गई और पुलिस के पहुंचने तक ट्रेन आगे नहीं बढ़ने देने की बात कही। ट्रेन सुबह 10 बजकर 34 मिनट पर स्टेशन पहुंची थी और 11 बजकर 20 मिनट पर रवाना हुई। इस दौरान ट्रेन 46 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना पर पहुंची रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने महिला को समझाया, जिसके बाद ट्रेन को आगे रवाना किया जा सका।
जानकारी के अनुसार, महिला दरोगा महादेवी राजपूत पत्नी स्वर्गीय दीपनारायण राजपूत , निवासी मबूसा, थाना पूंछ, जिला झांसी, परीक्षा स्टेशन से शनिवार को सुबह मेमो ट्रेन में सवार होकर अपने ससुराल मबूसा जा रही थीं। उन्हें एरच रोड स्टेशन पर उतरना था।
इसी दौरान ट्रेन में सीट को लेकर विवाद होने की बात सामने आई। महिला का आरोप है कि इस दौरान चलती ट्रेन में उनके साथ छेड़छाड़ की गई। घटना के बाद उन्होंने विरोध जताया और शोर मचाया। इसके बाद दो बार चेन पुलिंग की गई। ट्रेन एरच रोड स्टेशन पर रुकने के बाद महिला इंजन के केबिन तक पहुंचीं और फिर ट्रेन के सामने खड़ी होकर पुलिस बुलाने की मांग करने लगीं।
घटना की सूचना मिलने पर मोंठ आरपीएफ के जवान एरच रोड स्टेशन पहुंचे। उन्होंने महिला को समझाया, जिसके बाद ट्रेन को आगे जाने दिया गया। बताया जा रहा है कि महिला दरोगा वर्तमान में लखीमपुर खीरी पुलिस लाइन में तैनात हैं। घटना के संबंध में महिला का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।
जीआरपी उरई के प्रभारी ने बताया कि उन्हें एरच रोड रेलवे स्टेशन पर हुई घटना की जानकारी मिली थी, लेकिन कोई भी संबंधित पक्ष उरई नहीं पहुंचा। उन्होंने छेड़छाड़ की घटना से इनकार करते हुए कहा कि विवाद सीट को लेकर हुआ था। उनके अनुसार, महिला दरोगा होने के कारण अपना रौब दिखा रही थीं।