करीब आधा घंटा झांसी स्टेशन पर खड़ी रही ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। एक ओर कुछ कर्मचारियों की अनदेखी के चलते रेलवे की जहां नकारात्मक छवि बनती है, तो वहीं दूसरी ओर रेलवे में तमाम अधिकारी और कर्मचारी ऐसे हैं जिनकी संवेदनशीलता से यात्रियों को मदद मिल रही है। शुक्रवार रात को छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस में रेल कर्मचारियों ने एक गर्भवती महिला को जनरल से स्लीपर कोच में लाकर प्रसव कराया। इस दौरान ट्रेन झांसी स्टेशन पर करीब आधा घंटा खड़ी रही।
छत्तीसगढ़ के नावा बस्ती, डंगनिया परसकोल जिला रायगढ़ का निवासी रोशन अपनी 20 वर्षीय गर्भवती पत्नी अनीता, बड़े भाई दीपक और ताई भगवती देवी के साथ हजरत निजामुद्दीन से रायपुर के लिए छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहा था। ट्रेन जब रात 10.02 बजे ग्वालियर से पास दौड़ रही थी, तो अनीता को प्रसव पीड़ा होने लगी। पत्नी की हालत देख रोशन को यह समझ आ गया कि जनरल कोच की बेतहाशा भीड़ में पत्नी और बच्चे की जान को खतरा है। वह दौड़कर स्लीपर कोच में मौजूद टीटीई के पास पहुंचा और पत्नी की स्थिति बताई।
जिस पर टीटीई ने अनीता को स्लीपर कोच में लाने को कहा। वह खुद भी जनरल कोच में पहुंच गए। इसके बाद टीटीई, रोशन और उसका बड़ा भाई दीपक गर्भवती को उठाकर स्लीपर कोच एस-3 में लाए। जहां टीटीई ने अपनी सीट नंबर सात पर गर्भवती को लिटाया। इसके बाद झांसी कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। ट्रेन जब रात 12.50 बजे वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी पहुंची तो यहां डिप्टी एसएस एसके नरवरिया, रेलवे डॉ. राजेश कुमार, नर्स अस्वा कांति, सुनीता कुमारी, आया महादेवी, स्वास्थ्य कर्मी ऊषा और ड्रेसर रामेश्वर ने गर्भवती का सुरक्षित प्रसव करा दिया। रेलवे डॉक्टर राजेश कुमार ने महिला और बच्चे की जांच कर बताया कि दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और आगे की यात्रा कर सकते हैं। इस दौरान ट्रेन 25 मिनट झांसी स्टेशन पर ही खड़ी रही और 1.15 बजे रवाना की गई। रेलवे की इस मदद के लिए महिला और उसके पूरे परिवार ने आभार भी जताया।