अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बसपा में अब चंद घंटों के लिए भी पदाधिकारी बन रहे हैं। मंगलवार को जिलाध्यक्ष बनाए गए मदन लाल अहिरवार को कुछ घंटों के भीतर ही पद से चलता कर दिया गया। बुधवार सुबह उनकी जगह बृजेश अहिरवार को जिलाध्यक्ष बना दिया गया। संयोजक पद से मुक्त किए गए रविकांत मौर्या की भी चौबीस घंटे के भीतर वापसी हो गई। रविकांत को पुरानी जिम्मेदारी फिर से सौंप दी गई। उनके साथ ही पूर्व जिलाध्यक्ष अमित वर्मा को भी झांसी मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही बसपा के स्थानीय संगठन में घमासान छिड़ा है। पार्टी के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर जर्बदस्त जंग छिड़ी हुई है। नतीजा यह कि डेढ़ साल के भीतर आठ बार जिलाध्यक्ष बदले जा चुके। मंगलवार को पार्टी ने पवन चौधरी को हटाकर उनकी जगह मदल लाल अहिरवार को जिलाध्यक्ष बनाया था लेकिन, बुधवार को उनको हटाकर बृजेश अहिरवार को जिलाध्यक्ष बना दिया गया हालांकि ललितपुर एवं जालौन के जिलाध्यक्ष अपने पद पर बने हुए हैं। मंडल संयोजक रविकांत मौर्या को भी पद से हटा दिया गया था। उनकी भी वापस हो गई। रविकांत, अतर सिंह पाल, संतोष राज वर्मा, अमित वर्मा के साथ मिलकर मंडल का काम संभालेंगे। विधानसभा वार पदाधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव नहीं हुआ है। संयोजक रविकांत मौर्या का कहना है कि सिर्फ जिलाध्यक्ष पद पर बदलाव हुआ है। संगठन को मजबूत करने के लिए पूरी टीम मिलकर काम करेगी। उन्होंने बताया कि कैलाश यादव को पद से हटा दिया गया है।र