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Jhansi News: ढाई साल से मायके में रह रही थी पत्नी, दुखी पति ने नहर में कूदकर दे दी जान

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। ढाई साल से पत्नी के मायके में रहने से दुखी पति ने नहर में कूदकर जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले वह कम पानी में कूद गया था। वहां से निकल आया और दूसरी बार वहां छलांग लगाई जहां पानी अधिक था। डूबने से उसकी मौत हो गई। जान देने से पहले उसने मोबाइल फोन पर अपनी पत्नी से भी बात की थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है।
संतराम (27) पुत्र कांताराम अहिरवार निवासी पूंछ गांव में रहकर खेती-किसानी करता था। परिजनों का कहना है कि संतराम का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। इसके बाद वर्ष 2020 में पहाड़गांव निवासी रेनू से उसने दूसरी शादी की। रेनू से दो साल की बेटी है। संतराम के शराब के नशे का आदी होने से उसका रेनू से भी विवाद होने लगा। रेनू भी उसे छोड़कर चली गई। ढाई साल से अपने मायके में रह रही थी। पति से अलगाव के लिए उसने कोर्ट में केस भी किया हुआ है। बृहस्पतिवार रात रेनू से उसने फोन पर बात की। उसे घर वापस आने के लिए कहा लेकिन, पत्नी ने मना कर दिया। इसके बाद गुस्से में संतराम घर के पास बाबई रोड स्थित नरवा के पास पहुंचा और पुल से नीचे नहर में कूद गया। एक बार कूदने पर वह बच गया। दूसरी बार वह गहराई में कूद गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई।
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करीब 14 घंटे बाद मिली लाश


बृहस्पतिवार शाम से पुलिस उसकी काफी तलाश करती रही लेकिन, नहर में संतराम का कहीं पता नहीं चला। इसके बाद अंधेरा हो जाने की वजह से अभियान रोक दिया गया। शुक्रवार सुबह उसकी तलाश फिर आरंभ हुई। कुछ देर बाद जिस जगह संतराम कूदा था वहीं, उसका शव बरामद हो गया। शव कीचड़ में फंसा था। परिजनों का कहना है कि संतराम माता-पिता का इकलौता बेटा था। बहन सीमा की शादी हो चुकी। पिता की 17 साल पहले मौत हो चुकी। अब सिर्फ बुजुर्ग मां पूना देवी ही बची हैं।
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